Gurugram: Bike चोरी की FIR दर्ज नहीं करने पर SHO समेत तीन पुलिसकर्मी सस्पेंड
शिकायतकर्ता राजीव ने बताया कि उसकी बाइक चोरी हो गई थी। वह लगातार थाने के चक्कर काट रहा था, मगर उसकी FIR दर्ज नहीं की गई। हर बार उसे टरका दिया जाता। कहा जाता कि कल आना, परसों आना। इससे वह थक चुका था। इसके बाद उसने पुलिस कमिश्नर विकास अरोड़ा से मुलाकात कर अपनी व्यथा बताई। पुलिस कमिश्नर ने इस मामले को गंभीरता से लिया।

Gurugram News Network – Imt Manesar थाने में बाइक चोरी की FIR दर्ज नहीं करना SHO समेत तीन पुलिसकर्मियों को मंहगा पड़ गया। पुलिस आयुक्त विकास कुमार अरोड़ा ने SHO,जांच अधिकारी और थाने के मुंशी को लापरवाही बरतने पर निलबिंत कर दिया। पीड़ित को मामला दर्ज नहीं करने पर वह 20 दिनों से परेशान कर रहे थे और वह थाने के चक्कर काटने को मजबूर हो गया। आईएमटी मानेसर SHO की जगह पर थाने में ही तैनात सब इंस्पेक्टर अजय कुमार को कार्यवाहक एसएचओ बनाया गया है।
शिकायतकर्ता राजीव ने बताया कि उसकी बाइक चोरी हो गई थी। वह लगातार थाने के चक्कर काट रहा था, मगर उसकी FIR दर्ज नहीं की गई। हर बार उसे टरका दिया जाता। कहा जाता कि कल आना, परसों आना। इससे वह थक चुका था। इसके बाद उसने पुलिस कमिश्नर विकास अरोड़ा से मुलाकात कर अपनी व्यथा बताई। पुलिस कमिश्नर ने इस मामले को गंभीरता से लिया।

पुलिस कमिश्नर ने कहा कि कोई पुलिस कर्मचारी इस तरह की लापरवाही कर रहा है, तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। इससे यह संदेश देना है कि यदि कोई शिकायत लेकर आता है तो उसकी हर तरह से हेल्प की जाए। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही न की जाए।
बता दे कि बिहार के शाहबाजपुर गांव निवासी राजीव कुमार ने IMT मानेसर थाना पहुंच कर शिकायत दी थी कि वह गांव बसई थाना सेक्टर 96 में किराए पर रहता है। सेक्टर-4 स्थित FA होम एंड अपैरल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में काम करता है। आठ फरवरी को वह बाइक (HR-26 FK 9876) से ड्यूटी पर गया था।

सुबह 9:30 बजे उसने अपनी काले रंग की बाइक कंपनी की पार्किंग में खड़ी की। ड्यूटी खत्म करके करीब रात 11:00 बजे बाहर आकर देखा तो उसकी बाइक वहां नहीं थी। कोई व्यक्ति उसकी बाइक चोरी करके ले गया था। उसने बाइक को तलाश किया, लेकिन पता नहीं चला।
शिकायतकर्ता ने बताया कि वह कई दिन तक लगातार थाने के चक्कर काटता रहा, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। IO सुरेंद्र और मुंशी रविंद्र उसे आज कल, आज कल बोलकर टालते रहे। इससे पहले उसने फोन पर SHO देवेंद्र सिंह को भी अपनी शिकायत दी थी, लेकिन उन्होंने भी कोई सुनवाई नहीं की।
बाइक के बिना उसे अपने ऑफिस जाने में भी परेशानी हो रही थी। थाने के चक्कर भी लगने शुरू हो गए। इससे परेशान होकर उसे पुलिस कमिश्नर के पास जाने के लिए मजबूर होना पड़ा।

राजीव कुमार ने आगे बताया कि अपनी शिकायत लेकर वह 31 मार्च को पुलिस कमिश्नर कार्यालय में पहुंचा। वहां मौजूद पुलिसवालों ने पुलिस कमिश्नर से मिलवाया। पुलिस कमिश्नर ने बात सुनी और मेरे सामने ही मानेसर के DCP को फोन लगाया। सीधे कहा कि तीनों को सस्पेंड कर दो। साथ ही मेरी शिकायत लेकर उसे मानेसर भेज दिया। इसके बाद मेरे पास DCP का कॉल आया और CP ऑफिस में एक अप्रैल को बुलाया।
राजीव कुमार ने बताया कि पुलिस कमिश्नर के तीनों पुलिस कर्मचारियों को सस्पेंड करने निर्देश देने के बाद उसके पास थाने से फोन आया। कहा गया कि एक अप्रैल को आजाओं, शिकायत दर्ज कर ली जाएगी।










