Good News : अब नहीं काटने होंगे दफ्तरों के चक्कर, सरकार ने 29 सेवाओं के लिए समय-सीमा की तय

सरकार ने संवेदनशीलता दिखाते हुए मृत्यु से संबंधित लाभों के लिए समय-सीमा बहुत कम रखी है। मृतक श्रमिकों के आश्रितों को वित्तीय सहायता और दाह संस्कार हेतु दी जाने वाली राशि अब मात्र 15 दिनों के भीतर सुनिश्चित करनी होगी।

Good News : हरियाणा के लाखों श्रमिकों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। प्रदेश सरकार ने हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड की 29 प्रमुख सेवाओं को हरियाणा सेवा का अधिकार अधिनियम-2014  (Right to Service Act) के दायरे में ला दिया है। इसका सीधा अर्थ यह है कि अब अधिकारियों को श्रमिकों के आवेदनों पर एक निश्चित समय-सीमा के भीतर निर्णय लेना होगा, अन्यथा उन पर कार्रवाई हो सकती है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, अब सरकारी दफ्तरों में श्रमिकों की फाइलें धूल नहीं फांकेंगी।

सरकार ने अधिकांश कल्याणकारी योजनाओं के लिए 60 दिनों की समय-सीमा तय की है। इनमें शामिल हैं  बच्चों की वर्दी, किताबें, छात्रवृत्ति और UPSC/HPSC कोचिंग के लिए मदद। महिला श्रमिकों और उनकी बेटियों की शादी के लिए कन्यादान राशि।  सिलाई मशीन, साइकिल, चश्मा, कृत्रिम अंग और व्हीलचेयर। दांतों का इलाज और प्रसूति सहायता।

सरकार ने संवेदनशीलता दिखाते हुए मृत्यु से संबंधित लाभों के लिए समय-सीमा बहुत कम रखी है। मृतक श्रमिकों के आश्रितों को वित्तीय सहायता और दाह संस्कार हेतु दी जाने वाली राशि अब मात्र 15 दिनों के भीतर सुनिश्चित करनी होगी।

हरियाणा सिलिकोसिस पुनर्वास नीति के तहत मिलने वाली पेंशन, पारिवारिक सहायता और बच्चों की शिक्षा को भी इस एक्ट में शामिल किया गया है। इसके लिए भी 60 दिन (सामान्य सहायता) और 15 दिन (मृत्यु उपरांत सहायता) की सीमा निर्धारित है।

 समय पर काम नहीं होता है, तो श्रमिक अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

प्रथम शिकायत: उप श्रम आयुक्त (कल्याण) या संबंधित संयुक्त निदेशक के पास।

द्वितीय शिकायत: कल्याण आयुक्त या श्रम आयुक्त के पास।

Manu Mehta

मनु मेहता पिछले लगभग 18 वर्षों से गुरुग्राम की पत्रकारिता में सक्रिय एक अनुभवी और विश्वसनीय पत्रकार हैं। उन्होंने कई बड़े नेशनल न्यूज़ चैनलों (ANI News, News Express, TV 9,… More »
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