Mock Drill: हरियाणा के इन 11 शहरों में आज होगा Blackout, सरकार ने पूरी की तैयारी

Mock Drill: केंद्र सरकार के निर्देश पर आज देशभर में आयोजित की जा रही सिविल डिफेंस मॉकड्रिल को लेकर हरियाणा के 11 जिलों में 7 मई को ब्लैकआऊट होगा, जिसकी सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है। हरियाणा के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के तहत हरियाणा के 10 जिले अम्बाला, फरीदाबाद, गुरुग्राम, हिसार, पंचकूला, पानीपत, रोहतक, सिरसा, सोनीपत और यमुनानगर सिविल डिफेंस श्रेणी-द्वितीय में शामिल हैं जबकि झज्जर को श्रेणी तृतीय में रखा गया है।Mock Drill
राज्य में सिविल डिफैंस सायरन, एयर रैंड अलार्म सिस्टम, हॉटलाइन कंट्रोल रूम और भारतीय वायुसेना सहित अन्य सुरक्षा एजेंसियों से रेडियो कम्युनिकेशन लिंक को सक्रिय कर दिया गया है। अभ्यास दौरान ब्लैकआऊट प्रोटोकॉल, लोगों की सुरक्षित निकासी और आपात प्रतिक्रिया की प्रक्रिया का भी परीक्षण किया जाएगा। डा. मिश्रा ने कहा कि मॉकड्रिल सभी विभागों के संयुक्त प्रयास से सफल और प्रभावशाली रहेगी।

मॉक ड्रिल से पहले लोग बुनिायादी सामान, आपातकालीन आपूर्ति रखें तैयार
मॉकड्रिल से पहले लोग रात को अपना फोन और पावर बैंक चार्ज कर लें, परिवार की आपातकालीन किट तैयार रखें, पानी, सूखा भोजन, बुनियादी दवाइयां, सायरन सिग्नल सीखें (जैसे लंबा निरंतर अलर्ट व छोटा = सब साफ), आधिकारिक अपडेट के लिए रेडियो/टी.वी. देखते रहें, लाइट बंद करें, 1-2 मिनट के भीतर आश्रय के रूप में सुरक्षित आंतरिक कमरे या तहखाने की पहचान करें, आपातकालीन नंबर नोट करें (पुलिस-112, अग्निशमन-101, एम्बुलैंस-120), शाम 7 से 8 बजे तक लिफ्ट का उपयोग न करें।Mock Drill
अभ्यास के दौरान- अगर आपको हवाई हमले के सायरन या घोषणाएं सुनाई दें तो यह एक अभ्यास है, घबराएं नहीं, ब्लैकआऊट दौरान घर के अंदर रहें और खिड़कियों से दूर रहें। अगर आप गाड़ी चला रहे हैं तो अपने वाहन को किनारे पर पार्क करें और लाइटें बंद कर दें। जहां हैं वहीं रहें और इधर-उधर न जाएं। सभी इनडोर और आऊटडोर लाइटें बंद कर दें। यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि बच्चों, बुजुर्गों और पालतू जानवरों की हर समय निगरानी की जाए। मोटे पर्दे का इस्तेमाल करें या खिड़कियों को कार्डबोर्ड/पैनल से ढकें। व्हाट्सएप या सोशल मीडिया पर असत्यापित जानकारी न फैलाएं।Mock Drill

ड्रिल के बाद- जब तक अन्यथा निर्देश न दिया जाए सामान्य गतिविधि फिर से शुरू न करें। अपने आसपास के बच्चों या बुजुर्गों से बात करें। उन्हें आश्वस्त करें कि यह सिर्फ तैयारी का उपाय था।









