Haryana Income Report : गुरुग्राम सबसे अमीर, जानें आपके जिले की औसत सालाना कमाई कितनी?

हैरानी की बात यह है कि गुरुग्राम और नूंह की कमाई में जमीन-आसमान का अंतर है। जहां गुरुग्राम में एक व्यक्ति औसतन 6.81 लाख रुपये कमाता है

Haryana Income Report : साल 2026 की आर्थिक रिपोर्ट जारी की गई है। रिपोर्ट में सामने आए आंकडे चौकांने वाले है। आर्थिक रिपोर्ट के आधार पर साफ हो गया कि हरियाणा देश के सबसे संपन्न राज्यों में शामिल हो गया, लेकिन क्या आप जानते हैं कि हरियाणा के अंदर ही कमाई का अंतर इतना बड़ा है कि आप हैरान रह जाएंगे। हाल ही में जारी आंकड़ों ने हरियाणा की आर्थिक तस्वीर साफ कर दी है। जहां मिलेनियम सिटी गुरुग्राम अमीरी के नए रिकॉर्ड बना रहा है, वहीं कुछ जिले ऐसे भी हैं जो विकास की दौड़ में काफी पीछे छूट गए हैं।

अमीरी में एक नंबर एक पर गुरुग्राम

हरियाणा के आर्थिक आंकड़ों के मुताबिक, गुरुग्राम प्रदेश का सबसे अमीर जिला बनकर उभरा है। यहां की प्रति व्यक्ति आय 6,81,085 रुपये दर्ज की गई है। आईटी हब, बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियां और रियल एस्टेट में भारी निवेश ने गुरुग्राम को इस मुकाम पर पहुंचाया है।

इन जिलों में बरस रहा पैसा

सिर्फ गुरुग्राम ही नहीं, हरियाणा के कुछ और जिले भी अच्छी कमाई कर रहे हैं।

गुरुग्राम में 6.81 लाख रुपये (सालाना)

फरीदाबाद में 3.28 लाख रुपये (औद्योगिक क्षेत्र का बड़ा योगदान)

पानीपत में 2.81 लाख रुपये (टेक्सटाइल और रिफाइनरी की ताकत)

हैरानी की बात यह है कि गुरुग्राम और नूंह की कमाई में जमीन-आसमान का अंतर है। जहां गुरुग्राम में एक व्यक्ति औसतन 6.81 लाख रुपये कमाता है, वहीं नूंह (मेवात) में यह आंकड़ा महज 68,848 रुपये है। यानी गुरुग्राम के लोग नूंह के मुकाबले लगभग 10 गुना ज्यादा कमाते हैं। (Haryana Income Report)

बाकी जिलों का क्या है हाल? (पूरी लिस्ट देखें)

अगर आप जानना चाहते हैं कि आपके जिले के लोग औसतन साल में कितना कमाते हैं, तो यह लिस्ट देखिए:

पंचकूला में 2.42 लाख रुपये

अंबाला में 1.97 लाख रुपये

रेवाड़ी में 1.78 लाख रुपये

कुरुक्षेत्र में 1.73 लाख रुपये

सोनीपत में 1.71 लाख रुपये

रोहतक में 1.53 लाख रुपये

करनाल में 1.51 लाख रुपये

हिसार में 1.29 लाख रुपये

पलवल में 90,602 रुपये

आर्थिक मामलों के जानकारों का कहना है कि जहां इंडस्ट्री, सर्विस सेक्टर और बेहतर सड़कें हैं, वहां आय तेजी से बढ़ी है। गुरुग्राम और फरीदाबाद को दिल्ली से सटे होने का फायदा मिला है। दूसरी ओर  नूंह, पलवल और भिवानी जैसे जिलों में भारी उद्योगों की कमी और कौशल विकास (Skill Development) के सीमित अवसरों की वजह से कमाई का स्तर अभी भी कम है। हरियाणा सरकार के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती इस  इकोनॉमिक गैप  को भरना है, ताकि विकास का फल सिर्फ गुरुग्राम तक सीमित न रहकर प्रदेश के हर कोने तक पहुंचे।

Sunil Yadav

सुनील यादव पिछले लगभग 15 वर्षों से गुरुग्राम की पत्रकारिता में सक्रिय एक अनुभवी और विश्वसनीय पत्रकार हैं। उन्होंने कई बड़े नेशनल न्यूज़ चैनलों में ( India Tv, Times Now,… More »
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