Delhi-Mumbai Expressway: राजस्थान में 4 किलोमीटर लंबी सुरंग बनकर तैयार, अब मात्र 10 घंटे में पूरा होगा 21 घंटे का सफर

Delhi-Mumbai Expressway: देश में सड़क नेटवर्क (road network) को और बेहतर बनाने की दिशा में मोदी सरकार ने एक बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है। दिल्ली से मुंबई को जोड़ने वाले Delhi-Mumbai Expressway पर राजस्थान की अरावली की पहाड़ियों के बीच बनी 4 किलोमीटर लंबी सुरंग (tunnel) अब बनकर तैयार हो चुकी है। ये सुरंग न केवल टेक्नोलॉजी का बेहतरीन नमूना है बल्कि पर्यावरण को बिना नुकसान पहुंचाए तैयार की गई है।

इस सुरंग का सबसे खास पहलू यह है कि यह मुकुंदरा हिल्स (Mukundra Hills) और टाइगर रिजर्व (Tiger Reserve) से होकर गुजरती है लेकिन इसमें वाइल्डलाइफ को किसी तरह की चोट ना पहुंचे इसका पूरा ध्यान रखा गया है। सुरंग में दो लेन बनाई गई हैं और एक का काम पूरी तरह से खत्म हो गया है वहीं दूसरी लेन का निर्माण अंतिम चरण में है। इस सुरंग के चालू होते ही ना सिर्फ ट्रैफिक का दबाव कम होगा बल्कि पर्यावरणीय संतुलन भी बना रहेगा।Delhi-Mumbai Expressway

अब महज 10 घंटे का सफर

मोदी सरकार के infrastructure mission के तहत गुरुग्राम से वडोदरा (Vadodara) को जोड़ने वाला हाई-स्पीड कॉरिडोर लगभग तैयार हो चुका है। पहले इस रूट को तय करने में 20 से 22 घंटे लगते थे लेकिन अब दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (Delhi-Mumbai Expressway) के जरिए यही सफर महज 10 घंटे में पूरा किया जा सकेगा।

इस रूट की सबसे बड़ी चुनौती राजस्थान की अरावली की पहाड़ियां थीं जिन्हें पार करने के लिए सुरंग का निर्माण किया गया। लेकिन अब वह रुकावट खत्म हो चुकी है। यह सुरंग high-speed travel को सपोर्ट करेगी और ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिलाएगी।

 

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे भारत का सबसे बड़ा और सबसे एडवांस expressway project है। लगभग 100000 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह एक्सप्रेसवे 1380 किलोमीटर लंबा होगा और देश के विकास में एक बड़ा गेम चेंजर साबित होगा।

एक्सप्रेसवे को कई सेक्शन में बांटा गया है जिसमें दिल्ली से दौसा (Dausa) तक का हिस्सा पहले ही यातायात के लिए खोल दिया गया है। वहीं बाकी हिस्सों पर काम तेजी से चल रहा है। अब जब राजस्थान में मुकुंदरा हिल्स के पास बनी सुरंग भी तैयार हो चुकी है तो यह पूरा प्रोजेक्ट अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुका है।

अक्टूबर 2025 तक पूरी तरह चालू होगा एक्सप्रेसवे

सरकारी रिपोर्ट्स के मुताबिक यह एक्सप्रेसवे अक्टूबर 2025 तक पूरी तरह से चालू हो जाएगा। इसका मतलब है कि दिल्ली से मुंबई तक का सफर जो अभी 24 घंटे से भी ज्यादा का होता है अब सिर्फ 12 घंटे में पूरा किया जा सकेगा।

इस पूरे मार्ग में 8 लेन होंगी और इसकी चौड़ाई 21 मीटर होगी। खास बात यह है कि इस एक्सप्रेसवे को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि भविष्य में इसे 12 लेन तक बढ़ाया जा सके। इससे भविष्य में बढ़ने वाले ट्रैफिक को आसानी से संभाला जा सकेगा।

पर्यावरण को नुकसान नहीं

मुकुंदरा हिल्स की यह सुरंग इसलिए भी खास है क्योंकि इसे वाइल्डलाइफ फ्रेंडली (wildlife-friendly tunnel) बनाया गया है। सुरंग इस तरह डिजाइन की गई है कि टाइगर रिजर्व में रहने वाले जंगली जानवरों को किसी भी तरह की परेशानी न हो।

यह भारत में eco-sensitive zones के बीच पहली ऐसी सुरंग मानी जा रही है जो न केवल पर्यावरण की रक्षा करती है बल्कि तेज़ रफ्तार ट्रैफिक को भी सपोर्ट करती है। सरकार का मानना है कि भविष्य में ऐसे और भी कई eco-smart infrastructure प्रोजेक्ट देखने को मिलेंगे।

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे न सिर्फ ट्रैफिक को सुगम बनाएगा बल्कि इसके जरिए economic corridors और टूरिज्म डेस्टिनेशन (tourism destinations) को भी काफी फायदा होगा। राजस्थान के कोटा दौसा उदयपुर जैसे शहरों में इससे टूरिज्म बढ़ेगा वहीं गुड़गांव वडोदरा और मुंबई जैसे शहरों के बीच बिजनेस ट्रैवल भी काफी तेज हो जाएगा।

यह एक्सप्रेसवे लॉजिस्टिक्स इंडस्ट्री (logistics industry) के लिए भी गेम चेंजर साबित होगा। ट्रांसपोर्ट कंपनियां अब कम समय में ज्यादा दूरी तय कर पाएंगी जिससे उनके ऑपरेशनल खर्चों में भारी कमी आएगी।

Sunil Yadav

सुनील यादव पिछले लगभग 15 वर्षों से गुरुग्राम की पत्रकारिता में सक्रिय एक अनुभवी और विश्वसनीय पत्रकार हैं। उन्होंने कई बड़े नेशनल न्यूज़ चैनलों में ( India Tv, Times Now,… More »
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