Mock Drill : गुरुग्राम में आपदा से निपटने की तैयारी, 29 जुलाई से ‘सुरक्षा चक्र’ मॉक ड्रिल
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के दिशा-निर्देशों के तहत आयोजित होने वाली इस ड्रिल का उद्देश्य आपदा के समय त्वरित और समन्वित प्रतिक्रिया क्षमता की जाँच करना है।

Mock Drill : जिला आपदा प्रबंधन की तैयारियों को मजबूत और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से गुरुग्राम में 29 जुलाई से 1 अगस्त 2025 तक ‘अभ्यास सुरक्षा चक्र’ नामक एक व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा। यह अभ्यास भूकंप और औद्योगिक/रासायनिक दुर्घटनाओं जैसे परिदृश्यों पर केंद्रित होगा।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के दिशा-निर्देशों के तहत आयोजित होने वाली इस ड्रिल का उद्देश्य आपदा के समय त्वरित और समन्वित प्रतिक्रिया क्षमता की जाँच करना है।
‘सुरक्षा चक्र 2025’ की तैयारियों की समीक्षा बैठक
गुरुग्राम सचिवालय के NIC कक्ष में एक समन्वय बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता जिला राजस्व अधिकारी विजय यादव ने की। इस बैठक में आपदा प्रबंधन से जुड़ी विभिन्न तैयारियों, संसाधनों की उपलब्धता और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को मजबूत बनाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
NDMA के सदस्य एवं सलाहकार लेफ़्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हुसैन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विस्तृत दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान NDMA के सीनियर कंसल्टेंट ब्रिगेडियर आर. गुरूंग और गुरुग्राम के राजस्व अधिकारी भी मौजूद रहे।

जिला राजस्व अधिकारी विजय यादव ने सभी विभागों से आपसी तालमेल, संसाधन जुटाव और आपातकालीन प्रतिक्रिया योजनाओं को मजबूत करने का आग्रह किया। उन्होंने जोर दिया कि “यह अभ्यास हमारी वास्तविक तैयारी की परीक्षा है और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को मजबूत करने का अवसर भी है।
चार दिवसीय अभ्यास का विस्तृत कार्यक्रम
दिल्ली में संगोष्ठी सत्र आयोजित होगा, जिसमें आपदा प्रबंधन से जुड़ी विभागीय योजनाओं की समीक्षा की जाएगी।30 जुलाई: टेबल-टॉप एक्सरसाइज़ होगी, जिसमें भूकंप और रासायनिक दुर्घटना जैसी स्थितियों पर प्रतिक्रिया अभ्यास किया जाएगा।31 जुलाई: सिमुलेशन साइटों की तैयारी, रेडियो और सैटेलाइट संचार की जाँच तथा इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (EOC) और इंसिडेंट रिस्पांस सिस्टम (IRS) की सुविधाओं का सक्रियण किया जाएगा।

1 अगस्त: मॉक एक्सरसाइज़ आयोजित होगी, जिसमें पूर्ण पैमाने पर आपदा प्रतिक्रिया अभ्यास होगा।
यह अभ्यास दिल्ली और एनसीआर जैसे उच्च भूकंपीय जोखिम वाले क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह सिर्फ एक पूर्वाभ्यास नहीं, बल्कि वास्तविक तैयारियों की खामियों को पहचानने और उन्हें दूर करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।

गुरुग्राम में पाँच प्रमुख साइटों पर होगा अभ्यास
विजय यादव ने बताया कि गुरुग्राम में पाँच प्रमुख साइटों पर यह अभ्यास किया जाएगा, जिनमें स्कूल, सरकारी कार्यालय, रिहायशी क्षेत्र, अस्पताल और उद्योग शामिल हैं। प्रत्येक साइट पर विशिष्ट परिदृश्यों पर अभ्यास होगा:
स्कूलों में: ‘डक-कवर-होल्ड’ (भूकंप के दौरान खुद को बचाने का तरीका) अभ्यास।

सरकारी कार्यालयों में: नियंत्रित निकासी और क्षति आकलन।
रिहायशी क्षेत्रों में: खोज और बचाव अभियान।
अस्पतालों में: आपदा प्रबंधन योजना (DM Plan) का सक्रियण और कैज़ुअल्टी प्रबंधन क्षमता की जाँच।
औद्योगिक स्थलों पर: हैजकेम (खतरनाक रसायन) प्रबंधन और अग्निशमन का अभ्यास।
इसके साथ ही, अस्पतालों की कैज़ुअल्टी प्रबंधन क्षमता और सड़क/हवाई मार्ग से सहायता जुटाने की तत्परता की भी गहनता से जाँच की जाएगी।
लाइव स्ट्रीमिंग और सुरक्षा का विशेष ध्यान
1 अगस्त को होने वाले मॉक एक्सरसाइज़ के दौरान सामुदायिक प्रतिक्रिया की लाइव स्ट्रीमिंग और विशेषज्ञ बलों (NDRF/SDRF) की कार्रवाई का सीधा प्रसारण किया जाएगा। प्रत्येक जिला 3-4 मिनट की लाइव प्रस्तुति देगा। हेलीकॉप्टर ऑपरेशन्स और राहत कैंपों को भी लाइव दिखाया जाएगा, ताकि तैयारियों की पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
अधिकारियों ने बताया कि अभ्यास के दौरान सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। यह सुनिश्चित किया गया है कि किसी भी छात्र या नागरिक को जोखिमपूर्ण गतिविधियों में शामिल नहीं किया जाएगा। उच्च जोखिम वाले कार्य केवल प्रशिक्षित NDRF/SDRF या फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज कर्मियों द्वारा ही किए जाएंगे।
सभी जिलों को 25 जुलाई, 2025 तक अपनी चयनित पाँच साइटों का विवरण NDMA को भेजना होगा। इसके अतिरिक्त, एयरपोर्ट, रेलवे, मेट्रो, IGL और टेलीकॉम जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं को भी सतर्क मोड पर रखा जाएगा ताकि आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया दी जा सके।
बैठक में डिप्टी कंट्रोलर सृष्टि (सिविल डिफेंस), सिविल डिफेंस वार्डन मोहित शर्मा, डिप्टी सीएमओ शालिनी, जिला आपदा प्रबंधन से प्रोजेक्ट ऑफिसर पूनम, रेड क्रॉस से रोहितास शर्मा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। यह अभ्यास गुरुग्राम को किसी भी आपदा से निपटने के लिए और अधिक तैयार करने में महत्वपूर्ण साबित होगा।










