Liquor Shops : हरियाणा में शराब के ठेकों पर होगी ऑनलाइन निगरानी, गड़बड़ी मिलने पर ठेकों के लाइसेंस होंगे रद्द

Liquor Shops : गुरुग्राम के सिग्नेचर टॉवर चौक के पास बने दी ठेका वाइन शॉप पर हरियाणा के इतिहास की अब तक की सबसे बड़ी अवैध विदेशी शराब की खेप बरामद होना हरियाणा आबकारी विभाग की निगरानी प्रणाली पर सवालिया निशान खड़े करता है । गुरुग्राम में बिना सरकारी रिकॉर्ड के इतनी बड़ी मात्रा में विदेशी शराब के मिलने के बाद हरियाणा में अवैध शराब की सप्लाई और बिक्री पर पूरी तरह लगाम लगाने के लिए हरियाणा आबकारी विभाग सिस्टम को नए तरीके से बनाने में जुटे हुए हैं ।
गुरुग्राम में इतनी बड़ी मात्रा में अवैध शराब मिलने के बाद गुरुग्राम पुलिस ने तो पहले ही जांच के लिए SIT का गठन कर ही लिया था लेकिन अब प्रदेश में अवैध शराब पर कड़ी निगरानी करने के लिए आबकारी विभाग ने भी कमर कस ली है । हरियाणा आबकारी विभाग ने अब तीन सदस्यीय हाइ लेवल स्पेशन कमेटी का गठन किया है ।
इस कमेटी में हरियाणा आबकारी विभाग के बड़े अधिकारियों को शामिल किया गया है । जो कि अब पूरे हरियाणा में आबकारी व्यवस्था की खामियों का पहचानकर एक मजबूत प्रोटोकॉल तैयार करेगी । इस कमेटी में गुरुग्राम एक्साइज के डिप्टी कमिश्नर अमित भाटिया, डिप्टी कमिश्नर एक्साइज अशोक पांचाल और अंबाला एक्साइज के डिप्टी कमिश्नर जितेन्द्र डूडी शामिल किए गए हैं । ये कमेटी उन लूपहॉल को खोजेगी जिनका फायदा उठाकर शराब माफिया सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान पहुंचा रहे हैं। गुरुग्राम जैसे संवेदनशील जोन के साथ-साथ पूरे हरियाणा के लिए नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार की जाएगी।
पड़ोसी राज्यों की सफल नीतियों का होगा अध्ययन
हरियाणा की नई आबकारी नीति को मजबूत बनाने के लिए समिति Rajasthan, Uttar Pradesh और Goa की आबकारी प्रक्रियाओं का गहन अध्ययन करेगी।
- राजस्थान व उत्तर प्रदेश में लागू ट्रैक एंड ट्रेस बारकोडिंग सिस्टम और डिजिटल चेकपोस्ट निगरानी
- गोवा में विदेशी शराब के स्टॉक मैनेजमेंट और कमर्शियल बिक्री के कड़े नियम
इन मॉडलों से सीख लेकर हरियाणा में तकनीक आधारित नियंत्रण प्रणाली लागू की जाएगी।
शराब ठेकों पर डिजिटल पहरा, हर बोतल होगी ट्रैक
नई योजना के तहत शराब की हर बोतल की फैक्ट्री से ठेके तक रीयल-टाइम ट्रैकिंग की तैयारी है। प्रस्तावित उपायों में शामिल हैं:

- उन्नत सुरक्षा होलोग्राम
- स्टॉक का ऑनलाइन औचक मिलान
- ठेकों पर सीसीटीवी कैमरों की लाइव फीड
- सप्लाई चेन की एंड-टू-एंड डिजिटल मॉनिटरिंग
समिति की रिपोर्ट के आधार पर इन नियमों को पूरे प्रदेश में SOP के रूप में लागू किया जाएगा।
तीसरी बार चल रही है ठेकों की सख्त जांच
सिग्नेचर टावर मामले के बाद आबकारी विभाग ने प्रदेशभर में अभियान तेज कर दिया है। नारनौल, रेवाड़ी और मुख्यालय की विशेष टीमों ने गुरुग्राम के विभिन्न ठेकों पर छापेमारी की है।

- स्टॉक रजिस्टर का मिलान
- शराब की गुणवत्ता जांच के लिए सैंपलिंग
- बाहरी जिलों के अधिकारियों से ऑडिट, ताकि स्थानीय प्रभाव न रहे
यह अभियान तीसरी बार आक्रामक तरीके से चलाया जा रहा है, जिससे ठेका संचालकों में हड़कंप है।
नक्शों, अलॉटमेंट और वैधता की भी जांच
इस बार कार्रवाई केवल दस्तावेजों तक सीमित नहीं है। विभाग ठेकों के स्वीकृत नक्शों, स्थान और आकार की भौतिक पैमाइश कर रहा है। साथ ही ठेकों के अलॉटमेंट की वैधता की भी गहन पड़ताल की जा रही है।
अवैध शराब तस्करी के 4 बड़े हॉटस्पॉट चिन्हित
विभागीय सूत्रों के अनुसार, हरियाणा में अवैध विदेशी शराब की तस्करी के चार प्रमुख केंद्र सामने आए हैं Sonipat, Gurugram, Faridabad और Rohtak
इन जिलों में ठेकों की लगातार निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। सप्लाई चेन में किसी भी स्तर पर गड़बड़ी मिलने पर लाइसेंस रद्द करने के साथ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गुरुग्राम आबकारी विभाग के डिप्टी कमिश्नर अशोक पांचाल का कहना है कि अवैध शराब की बिक्री को लेकर मुख्यालय की ओर से तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। दूसरे राज्यों की पॉलिसी का अध्ययन किया जा रहा है। इसके बाद इसको लेकर नई प्रक्रिया बनाई जाएगी।












