Jewar Airport: लो जी जेवर एयरपोर्ट से हवाई उड़ानों का समय आ गया, 8 महीने में बनकर तैयार हो जाएगा यह इंटरचेंज

Noida Airport: इंटरचेंज जो ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेस को आपस में कनेक्ट करेगा उसे लेकर नया अपडेट आया है। इससे निर्माण में काफी समय से अड़चकें आ रही हैं। इस इंटरचेंज के निर्माण का कार्य यमुना प्राधिकरण ने National Highways Authority of India को दी है। जल्द ही इसका निर्माण पूरा होगा व सफर को पंख लगेंगे। 8 महीन में बनकर होगा तैयार

Noida Airport: इंटरचेंज जो ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेस को आपस में कनेक्ट करेगा उसे लेकर नया अपडेट आया है। इससे निर्माण में काफी समय से अड़चकें आ रही हैं। इस इंटरचेंज के निर्माण का कार्य यमुना प्राधिकरण ने National Highways Authority of India को दी है। जल्द ही इसका निर्माण पूरा होगा व सफर को पंख लगेंगे।

8 महीन में बनकर होगा तैयार

इसके बनने के बाद सुहाने सफर के रास्ते खुल जाएंगे। बात करें यह कब तक बनकर तैयार हो जाएगा तो यीडा के अनुसार 8 महीने में यह बनकर आवागमन के लिए तैयार हो जाएगा। इसके बनने के बाद हरियाणा व यूपी वालों को बड़ा लाभ मिलेगा। इसके बाद जेवर एयरपोर्ट भी भी सीधी कनेक्टिविटी मिल जाएगी। ईपीई और यमुना एक्सप्रेसवे को जोड़ने के लिए जगनपुर अफजलपुर के नजदीक इंटरचेंज का निर्माण पिछले छह साल से अटका हुआ है।

2019 में इंटरचेंज निर्माण की जिम्मेदारी

यीडा ने 2019 में इंटरचेंज निर्माण की जिम्मेदारी दिल्ली की देव एस कंपनी को दी थी। लेकिन किसानों के विरोध के कारण इंटरचेंज की जमीन पर कब्जा न मिलने के कारण काम शुरू नहीं हो पाया। किसानों से सहमति लेने में कई वर्ष लग गए।
इसके चलते परियोजना की लागत 75 करोड़ से अधिक हो गई, लेकिन बढ़ी हुई लागत को लेकर कंपनी के साथ सहमति न बनने से एनएचएआई को निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई।

किसानों का विरोध

लेकिन किसानों के विरोध के चलते जमीन की अदला-बदली न होने से काम शुरू नहीं हो सका। किसानों की सहमति मिलने में कई साल लग गए। इससे परियोजना की लागत 75 करोड़ रुपये से अधिक बढ़ गई, लेकिन बढ़ी लागत को लेकर कंपनी से सहमति न बनने पर निर्माण की जिम्मेदारी एनएचएआई को दे दी गई। वर्ष 2023 में तत्कालीन प्रमुख सचिव डीएस मिश्रा ने परियोजना का उद्घाटन भी किया, लेकिन नारियल खत्म होने से परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी।

इंटरचेंज का निर्माण पिछले छह साल से रुका हुआ

2023 में तत्कालीन मुख्य सचिव डीएस मिश्रा ने कार्य का शुभारंभ भी किया, लेकिन नारियल फोड़ने से आगे कार्य नहीं बढ़ पाया। कैबिनेट से स्वीकृति मिलने में काफी समय लग गया। ईपीई और यमुना हाईवे को जोड़ने के लिए अफजलपुर के पास जगनपुर इंटरचेंज का निर्माण पिछले छह साल से रुका हुआ है।

जाम होगा गायब

दोनों हाईवे के बीच कनेक्टिविटी न होने के कारण उन्हें सिरसा कट ऑफ पर उतरकर यमुना हाईवे के जीरो प्वाइंट पर जाना पड़ता था। इससे करीब 15 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। शहर की सड़कों पर जाम की स्थिति रहती है। इंटरचेंज बनने के बाद यह दूरी कम हो जाएगी और समय की बचत होगी। ग्रेटर नोएडा की सड़कों पर वाहनों का दबाव कम होगा।

270 करोड़ रुपये होंगे खर्च

कैबिनेट की मंजूरी मिलने में अभी काफी समय है। साठ एकड़ में बनने वाले आठ लूप इंटरचेंज के निर्माण में करीब 270 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इससे यीडा के सेक्टर भी जुड़ेंगे। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों से जोड़ने के लिए इंटरचेंज का निर्माण अहम है। इंटरचेंज बनने के बाद दोनों राज्यों के विभिन्न जिलों के लोग सीधे एयरपोर्ट पहुंच सकेंगे। इसके अलावा मथुरा, आगरा आदि जगहों का रास्ता भी आसान हो जाएगा।

 

Sunil Yadav

सुनील यादव पिछले लगभग 15 वर्षों से गुरुग्राम की पत्रकारिता में सक्रिय एक अनुभवी और विश्वसनीय पत्रकार हैं। उन्होंने कई बड़े नेशनल न्यूज़ चैनलों में ( India Tv, Times Now,… More »
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