Jyoti Malhotra जासूसी Case में पुलिस का बड़ा खुलासा, ना डायरी मिली ना आतंकियों से कनेक्शन और ना…
हरियाणा के हिसार पुलिस के अधीक्षक शशांक कुमार सावन ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर मीडिया में चल रही भ्रामक खबरों से बचने की सलाह दी है । और मीडिया से भी अनुरोध किया है कि कोई भी खबर चलाने से पहले आधिकारिक पुष्टि करें ।

Gurugram News Network – पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में गिरफ्तार हुईं हरियाणा के हिसार की रहने वाली यूट्यूबर ज्योति मल्हौत्रा (Youtuber Jyoti Malhotra) केस में हिसार पुलिस ने एक बड़ा खुलासा किया है । पांच दिन के पुलिस रिमांड के दौरान अभी तक पुलिस को ऐसे कोई सुबूत नहीं मिले हैं जिससे ये साबित हो सके कि ज्योति मल्हौत्रा का किसी आतंकी संगठन के साथ कोई संपर्क हो । वहीं ज्योति मल्हौत्रा के किसी सैन्य, रक्षा या राजनीतिक जानकारी तक पहुंच हो ऐसे भी कोई साक्ष्य अभी तक हिसार पुलिस को नहीं मिले हैं ।
इस बीच हरियाणा के हिसार पुलिस के अधीक्षक शशांक कुमार सावन ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर मीडिया में चल रही भ्रामक खबरों से बचने की सलाह दी है । और मीडिया से भी अनुरोध किया है कि कोई भी खबर चलाने से पहले आधिकारिक पुष्टि करें ।

जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति में हिसार पुलिस ने बताया कि ज्योति मल्हौत्रा से पुलिस ने एक लैपटॉप और कुछ इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं । कुरुक्षेत्र की हरकीरत (Harkirat) को पूछताछ के लिए बुलाया गया था । पुलिस ने अन्य जानकारी साझा करते हुए फेक खबरों के लिए भी लिखा ।
विज्ञप्ति में लिखा, यह देखा जा रहा है कि जांच के दौरान प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया पर बहुत सी तथ्यहीन खबरें (Jyoti Malhotra Fake News) भी चल रही हैं। तथ्यहीन खबर ना सिर्फ जांच को प्रभावित करती है बल्कि ऐसे मामलों में सीधे तौर पर राष्ट्रीय सुरक्षा को भी प्रभावित करती है । प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया पर फैली हुई कुछ अफवाहों का खण्डन करते हुए यह स्पष्ट किया जाता है कि, पूरे मामले की जांच हिसार पुलिस कर रही है। आरोपी हिसार पुलिस के हिरासत में है। कुछ एजेंसियां समय-समय पर पूछताछ कर रही है। किसी भी संस्था को आरोपी की हिरासत नहीं सौंपी गई ।

हिसार पुलिस द्वारा जारी किया गया प्रेस नोट


प्रेस नोट की कुछ मुख्य बातें
आरोपी की वॉट्सऐप चैट के बारे में किसी भी तरह की टिप्पणी नहीं की जा सकती।
आरोपी की डायरी या सार्वजनिक किए जा रहे उसके पन्ने पुलिस के पास नहीं है।
आरोपी की बैंक डिटेल्स हैं, लेकिन पैसों के लेन-देन के बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता।
आरोपी पीआईओएस के संपर्क में थी। लेकिन यह नहीं कहा जा सकता कि आरोपी आतंकवादी संगठन के संपर्क में थी।
पुलिस ने जो इलेक्ट्रॉनिक उपकरण हासिल किए हैं, उन्हें फॉरेंसिक लैब भेजा गया है, जहां विश्लेषण जारी है।
आरोपी की पीआईओ से शादी या धर्म परिवर्तन का कोई तथ्य अभी तक सामने नहीं आया है।












