Gurugram Mall : ‘फर्ज़ी’ काम करने पर गुरुग्राम के इस मॉल को सील करने के आदेश जारी
गोल्फ कोर्स रोड (Golf Course Road) पर सेक्टर-53 बने सेंट्रल प्लाजा मॉल (Central Plaza Mall) पर नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग (DTCP) ने कड़ा शिकंजा कसा है । Gurugram Mall

Gurugram Mall : डिस्ट्रिक्ट टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने गुरुग्राम के मॉल को सील करने के आदेश जारी किए हैं । जल्दी ही इस मॉल को सील कर दिया जाएगा । इतना ही नहीं डीटीपी ने इलाके के तहसीलदार को निर्देश जारी किए हैं कि इस मॉल में किसी भी प्रॉपर्टी की खरीद फरोख्त पर पूर्ण रोक लगाई जाए और संबंधित बिल्डर पर केस दर्ज करने के लिए भी गुरुग्राम पुलिस को सिफारिश भेज दी गई है ।
गोल्फ कोर्स रोड (Golf Course Road) पर सेक्टर-53 बने सेंट्रल प्लाजा मॉल (Central Plaza Mall) पर नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग (DTCP) ने कड़ा शिकंजा कसा है । विभाग के निदेशक अमित खत्री ने मॉल को सील करने, दुकानों की खरीद-फरोख्त पर रोक लगाने और बिल्डरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के सख्त आदेश जारी किए हैं ।

क्या है पूरा मामला ? (Gurugram Mall)
डीटीपीई अमित मधोलिया के अनुसार, सेक्टर-53 में 3.9 एकड़ भूमि पर शॉपिंग मॉल विकसित करने के लिए साल 2002 में एरियंस इंफोटैक प्राइवेट लिमिटेड और सीनियर बिल्डर प्राइवेट लिमिटेड को लाइसेंस दिया गया था। जांच में कई गंभीर अनियमितताएं पाई गईं, जिसके बाद मॉल के खिलाफ एक्शन लिया जा रहा है ।
अवैध निर्माण और कब्जा: बिल्डर को 2005 तक निर्माण पूरा कर ‘कब्जा प्रमाण पत्र’ (OC) लेना था, जो नहीं लिया गया।

फर्जी सर्टिफिकेट का खेल: बिल्डर ने मॉल के ब्लॉक-A का फर्जी कब्जा प्रमाण पत्र तैयार किया और उसी के आधार पर 2009 में डीड ऑफ डिक्लरेशन (DOD) दाखिल कर दी ।
लाइसेंस रिन्यूअल फीस का बकाया: 2006 से अब तक लाइसेंस रिन्यू नहीं कराया गया। बिल्डर पर करीब 87.61 लाख रुपये की फीस और उस पर 15% ब्याज बकाया है।

70 दुकानों के भविष्य पर संकट
वर्तमान में इस मॉल में लगभग 70 दुकानें संचालित हैं, जहाँ रोजाना सैकड़ों लोग खरीदारी के लिए आते हैं। मॉल में एक शराब का ठेका भी मौजूद है। विभाग की इस कार्रवाई से यहां के व्यापारियों और ग्राहकों में हड़कंप मच गया है। (Gurugram Mall)
प्रशासनिक कार्रवाई शुरू
DTPE अमित मधोलिया ने बताया कि विभाग ने आदेशों का पालन करते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है :
खरीद-फरोख्त पर रोक: वजीराबाद तहसीलदार को पत्र लिखकर दुकानों की रजिस्ट्री और सेल-परचेज रोकने को कहा गया है।
पुलिस केस: धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने के आरोप में बिल्डर के खिलाफ FIR दर्ज करने के लिए पुलिस को पत्र भेजा गया है।

नोटिस की अनदेखी: बिल्डर को दिसंबर 2017, मई 2018 और हाल ही में 11 दिसंबर को कारण बताओ नोटिस दिया गया था, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
डीटीपीई अमित मधोलिया का कहना है कि निदेशक के आदेश पर सेंट्रल प्लाजा मॉल के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। वजीराबाद तहसीलदार और पुलिस विभाग को जरूरी दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।










