Drone Survey : नोएडा हादसे के बाद सख्त हुआ GMDA, ड्रोन से होगी खतरनाक सड़कों और अवैध निर्माण की पहचान
ड्रोन सर्वे का फायदा केवल सुरक्षा तक ही सीमित नहीं रहेगा। GMDA इस हाई-टेक तकनीक के जरिए शहर में हो रहे अवैध निर्माणों और सड़कों के किनारे किए गए अतिक्रमण पर भी पैनी नजर रखेगा।

Drone Survey : दिल्ली से सटे नोएडा में हाल ही में हुए एक दर्दनाक हादसे (जहां बेसमेंट में कार गिरने से युवक की मौत हुई थी) से सबक लेते हुए गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) अलर्ट मोड पर आ गया है। साइबर सिटी की सड़कों को सुरक्षित बनाने और निर्माणाधीन परियोजनाओं के कारण होने वाले जोखिमों को कम करने के लिए अब तकनीक का सहारा लिया जाएगा। GMDA ने पूरे शहर का ‘ड्रोन सर्वे’ कराने का बड़ा फैसला लिया है।
GMDA के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी विश्वजीत चौधरी की अध्यक्षता में हुई अहम बैठक में यह तय किया गया कि हरियाणा की विशेष ड्रोन एजेंसी ‘दृश्या’ (Drone Imaging & Information Service of Haryana Ltd) के माध्यम से शहर की सड़कों की निगरानी की जाएगी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य उन खतरनाक पॉइंट (Black Spots) की पहचान करना है, जहां अधूरे निर्माण या खुले बेसमेंट के कारण जानलेवा हादसे हो सकते हैं। Drone Survey

ड्रोन सर्वे का फायदा केवल सुरक्षा तक ही सीमित नहीं रहेगा। GMDA इस हाई-टेक तकनीक के जरिए शहर में हो रहे अवैध निर्माणों और सड़कों के किनारे किए गए अतिक्रमण पर भी पैनी नजर रखेगा। ड्रोन द्वारा ली गई हाई-डेफिनिशन तस्वीरों से यह स्पष्ट हो जाएगा कि कहां बिना मंजूरी के काम चल रहा है।
प्रशासन ने योजना बनाई है कि ड्रोन सर्वे की प्रक्रिया निरंतर जारी रहेगी। ‘दृश्या’ एजेंसी हर तीन महीने में GMDA को एक विस्तृत सर्वे रिपोर्ट सौंपेगी। इस रिपोर्ट के आधार पर उन जगहों की तुरंत घेराबंदी (Fencing) की जाएगी या उन्हें सुरक्षित किया जाएगा, जो आम जनता के लिए खतरा बन सकते हैं। Drone Survey










