New Gurugram में बड़ा बदलाव: 6 सेक्टरों की नई प्लानिंग को हरी झंडी, ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत
गुरुग्राम की तस्वीर तेज़ी से बदल रही है। द्वारका एक्सप्रेसवे और पटौदी हाईवे से कनेक्टिविटी में सुधार के साथ, ये सेक्टर अब निवेश के लिए हॉटस्पॉट बन रहे हैं।

New Gurugram के रियल एस्टेट और बुनियादी ढाँचे के विकास को गति देते हुए नगर योजनाकार विभाग (DTP) ने छह प्रमुख सेक्टरों – 88ए, 88बी, 89ए, 89वी, 95ए और 95बी – की संशोधित सेक्टर योजनाओं को औपचारिक स्वीकृति दे दी है। यह फैसला बिल्डरों के आवेदनों और तय समय सीमा में कोई आपत्ति न मिलने के बाद लिया गया है।
संशोधित योजना का प्राथमिक लक्ष्य क्षेत्र में यातायात (Traffic) की सुगमता और बुनियादी नागरिक सुविधाओं की उपलब्धता को व्यावहारिक बनाना है।
सड़क री-अलाइनमेंट: संशोधित प्लान में मुख्य और सेकेंडरी सड़कों का संरेखण (Re-alignment) नए सिरे से तय किया गया है। अधिकारियों का मानना है कि इससे सेक्टरों के बीच ट्रैफिक मूवमेंट आसान होगा और भविष्य में ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी।
व्यवहारिक भूमि आवंटन: अब पार्क, स्कूल, अस्पताल, जल आपूर्ति, सीवर, बिजली और बाज़ार जैसी आवश्यक सुविधाओं के लिए भूमि का आवंटन अधिक व्यावहारिक तरीके से किया जा सकेगा।
इन सेक्टरों का विकास मास्टर प्लान-2031 के प्रावधानों के अनुरूप किया जा रहा है। पुराने प्लान में सड़क संरेखण और भूमि उपयोग को लेकर कुछ इलाकों में दिक्कतें आ रही थीं, जिसके कारण यह संशोधन आवश्यक हो गया था। इस बदलाव से स्थानीय निवासियों और रियल एस्टेट डेवलपर्स को होने वाली परेशानियों को दूर करने की उम्मीद है।
इस संशोधन से न्यू गुरुग्राम की तस्वीर तेज़ी से बदल रही है। द्वारका एक्सप्रेसवे और पटौदी हाईवे से कनेक्टिविटी में सुधार के साथ, ये सेक्टर अब निवेश के लिए हॉटस्पॉट बन रहे हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, सीवर-पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं में सुधार और मजबूत कनेक्टिविटी के कारण रियल एस्टेट के मोर्चे पर बड़े बदलाव आ रहे हैं। कई बड़ी कंपनियाँ और व्यावसायिक प्रतिष्ठान अब इस क्षेत्र की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे यहाँ संपत्ति के मूल्यों में वृद्धि होने की संभावना है।
संशोधन की प्रक्रिया के दौरान, डीटीपी ने शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य विभाग से संचालित स्कूलों और अस्पतालों का ब्योरा भी मांगा था, ताकि योजना को अंतिम रूप दिया जा सके।












