Haryana News: HNG फैक्ट्री में एयर स्ट्राइक की प्रतीकात्मक स्थिति के साथ सिविल डिफेंस अभ्यास सम्पन्न
Haryana News: एसडीएम नसीब कुमार ने बताया की डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल के दिशा-निर्देशन में औद्योगिक क्षेत्र में आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के उद्देश्य से शुक्रवार को एचएनजी (हिंदुस्तान नेशनल ग्लास एंड इंडस्ट्रिज लिमेटेड ) फैक्ट्री में सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया।

Haryana News: एसडीएम नसीब कुमार ने बताया की डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल के दिशा-निर्देशन में औद्योगिक क्षेत्र में आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के उद्देश्य से शुक्रवार को एचएनजी (हिंदुस्तान नेशनल ग्लास एंड इंडस्ट्रिज लिमेटेड ) फैक्ट्री में सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। ऑपरेशन शील्ड नामक इस अभ्यास के तहत ड्रोन अटैक की प्रतीकात्मक स्थिति बनाई गई, जिससे औद्योगिक क्षेत्र में किसी आकस्मिक हमले के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों की दक्षता की जांच की जा सके।
अभ्यास के दौरान फैक्ट्री परिसर में ड्रोन द्वारा विस्फोट की स्थिति दर्शाई गई, जिसमें तुरंत सायरन बजाकर आपात स्थिति घोषित की गई। इसके बाद प्रशासन, फायर ब्रिगेड, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस और सिविल डिफेंस की टीमें सक्रिय हो गईं और रेस्क्यू ऑपरेशन प्रारंभ किया गया। इस दौरान एचएनजी यूनिट हेड एसआर बंसल, जीएम एसपी शर्मा, ट्रैफिक एसएचओ विकास कुमार, एसआई अनिल हुड्डा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

रेस्क्यू और राहत कार्यों का प्रदर्शन
सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स ने घायलों की पहचान कर उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने का अभ्यास किया। इस दौरान प्रतीकात्मक रूप से 23 घायलों को रेस्क्यू करते हुए उपचार हेतु अस्पताल पहुंचाया गया। दमकल विभाग की टीमों ने आग पर काबू पाने का मॉक प्रदर्शन किया, वहीं स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस व मेडिकल स्टाफ ने घायलों को प्राथमिक चिकित्सा दी और उन्हें नजदीकी अस्पताल भेजने की प्रक्रिया को दर्शाया।
समन्वय और सतर्कता की हुई परख
अभ्यास के दौरान विभिन्न विभागों के बीच समन्वय, तत्काल प्रतिक्रिया समय और संचार व्यवस्था की मजबूती की वास्तविक समय में जांच की गई। कंट्रोल रूम से वायरलेस प्रणाली के माध्यम से सभी टीमों से संपर्क बनाए रखा गया, जिससे निर्णय प्रक्रिया और सूचना प्रवाह की दक्षता का मूल्यांकन किया गया।

अधिकारी बोले: आधुनिक जोखिमों के लिए जरूरी है तैयारी
अभ्यास के बाद संबंधित एसडीएम नसीब कुमार ने कहा कि ड्रोन जैसे स्थिति औद्योगिक सुरक्षा एक चुनौती होती है।, ऐसे में मॉक ड्रिल्स के माध्यम से सतर्कता और क्षमता का परीक्षण समय-समय पर किया जाता है। उन्होंने कहा कि सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स की सक्रिय भूमिका रही जो सराहनीय है। इस दौरान औद्योगिक सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलूओं को परखा गया।









