Gurugram: 80 लाख रुपये के स्क्रैप चोरी का खुलासा, NBCC ग्रीन व्यू से चोरी कर पंजाब भेजा गया स्क्रैप
कंपनी को स्क्रैप की मात्रा में लगातार कमी का संदेह हुआ। जब ठेकेदार ने एक ट्रक का वजन दूसरे धर्मकांटा पर करवाया, तो वजन में बड़ा अंतर मिला, जिससे चोरी और हेराफेरी का खुलासा हुआ।

Gurugram के सेक्टर-10ए स्थित एनबीसीसी ग्रीन व्यू अपार्टमेंट्स के ध्वस्तीकरण (डिमोलिशन) कार्यस्थल पर एक संगठित स्क्रैप चोरी का बड़ा मामला सामने आया है। इस हाई-प्रोफाइल घटना में, विध्वंस कार्य में लगे ठेकेदार की कंपनी के एक ड्राइवर ने द्वारका एक्सप्रेसवे, सेक्टर-99 पर स्थित एक निजी धर्मकांटा (वेटब्रिज) के संचालक के साथ मिलीभगत करके लाखों रुपये के आयरन स्क्रैप के वजन में हेराफेरी की। पुलिस ने धोखाधड़ी और चोरी का मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है।
ठेकेदार कंपनी के प्रतिनिधि पंच बहादुर यादव ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनकी कंपनी ने एनबीसीसी ग्रीन व्यू अपार्टमेंट्स के डिमोलिशन का ठेका लिया है। विध्वंस से निकलने वाले मूल्यवान आयरन स्क्रैप को ट्रकों में भरकर पंजाब भेजा जाता था।स्क्रैप के सही वजन के लिए ट्रकों को द्वारका एक्सप्रेसवे पर स्थित श्री राम धर्मकांटा पर भेजा जाता था।

कंपनी को स्क्रैप की मात्रा में लगातार कमी का संदेह हुआ। जब ठेकेदार ने एक ट्रक का वजन दूसरे धर्मकांटा पर करवाया, तो वजन में बड़ा अंतर मिला, जिससे चोरी और हेराफेरी का खुलासा हुआ।
शिकायतकर्ता ने खुलासा किया कि चोरी का यह रैकेट पिछले कुछ समय से चल रहा था। अब तक कुल 80 से अधिक गाड़ियां स्क्रैप लेकर धर्मकांटा से होकर पंजाब भेजी गई हैं।

पुलिस को दिए गए विवरण के अनुसार, एक ट्रक (नंबर HR73A0039) में 34,390 किलोग्राम स्क्रैप लोड किया गया था, लेकिन श्री राम धर्मकांटा पर इसका वजन केवल 32,370 किलोग्राम दर्ज किया गया।
अनुमान है कि हर गाड़ी में दो टन से अधिक की कमी दिखाई जा रही थी। इस संगठित धोखाधड़ी के चलते कंपनी को लगभग ₹80 लाख रुपये से अधिक का अनुमानित नुकसान होने का अंदेशा है।
ड्राइवर और धर्मकांटा संचालक मिलकर वजन में हेराफेरी करते थे और कम वजन दर्ज करवाकर, बचा हुआ अतिरिक्त स्क्रैप बाजार में बेच देते थे।
गुरुग्राम पुलिस ने ठेकेदार कंपनी की शिकायत पर तुरंत कार्रवाई करते हुए ड्राइवर और श्री राम धर्मकांटा के संचालक के खिलाफ चोरी और धोखाधड़ी की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अब इस पूरे रैकेट की गहराई से जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह धोखाधड़ी कब से चल रही थी और इस अवैध कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल थे।
पुलिस ने जब्त किए गए ट्रकों की जांच और धर्मकांटा के पिछले रिकॉर्ड्स को खंगालना शुरू कर दिया है ताकि 80 से अधिक ट्रकों के वास्तविक नुकसान का सही आकलन किया जा सके। इस मामले में जल्द ही कुछ गिरफ्तारियां होने की संभावना है।










