Gurugram नहर में 80 फीट तक कटाव, 100 एकड़ में गेहूं की फसल डूबी, किसानों को भारी नुकसान

Gurugram : गांव बुढ़ेड़ा के समीप रविवार सुबह गुरुग्राम नहर में बड़ा कटाव हो गया, जिससे करीब 100 एकड़ में बोई गेहूं की फसल पूरी तरह जलमग्न हो गई। नहर के क्षतिग्रस्त हिस्से से लगातार पानी बहने के कारण खेतों में चार से पांच फीट तक पानी भर गया और किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया।

घटना सुबह करीब सात बजे सामने आई। खेतों में पानी तेजी से भरता देख किसानों ने तुरंत इसकी सूचना सिंचाई विभाग को दी। सूचना मिलते ही विभाग ने मुंडाखेड़ा पंप हाउस से पानी की सप्लाई बंद करवाई, ताकि कटाव को बढ़ने से रोका जा सके।


80 फीट लंबा कटाव, भारी दबाव में टूटा नहर का किनारा

नहर में आए कटाव की चौड़ाई करीब 80 फीट तक बढ़ गई, क्योंकि तब तक पानी का दबाव लगातार बढ़ता रहा। खेतों में पहुंचा पानी रुक-रुक कर बढ़ता गया और कई किसानों की खड़ी गेहूं की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई।

सुबह 11 बजे सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता रविंद्र कुमार, उपमंडल अभियंता व कनिष्ठ अभियंता टीम के साथ मौके पर पहुंचे। इसके बाद करीब 50 मजदूरों, जेसीबी और हाइड्रा मशीनों की मदद से कटाव को बंद करने का काम युद्ध स्तर पर शुरू किया गया।


गुरुग्राम नहर की हालत पहले से ही चिंताजनक

बताया जा रहा है कि सोनीपत के ककरोई से निकली गुरुग्राम नहर का पानी गांव बसई स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचता है। फिलहाल नहर की हालत काफी खराब है और इसकी मरम्मत लंबे समय से लंबित चल रही है।

300 क्यूसिक क्षमता वाली इस नहर में वर्तमान में केवल 75 क्यूसिक पानी छोड़ा जा रहा है। जिस स्थान पर नहर टूटी है, वहां एक तीखा मोड़ आता है और दो साल पहले भी यही हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ था।

नहर को नए सिरे से बनाने के लिए 1950 करोड़ रुपये का विस्तृत एस्टीमेट तैयार किया जा चुका है। इसके लिए टेंडर आमंत्रित करने की प्रक्रिया जारी है, लेकिन फिलहाल पुरानी जर्जर संरचना ही इस्तेमाल की जा रही थी।


किसानों का दर्द: “पूरी फसल पानी में डूब गई”

गांव बुढेड़ा के किसान जितेंद्र ने बताया कि उसने 12 एकड़ में गेहूं बोई हुई थी, लेकिन सुबह होते-होते पूरा खेत पानी में डूब गया।

किसान का कहना है कि उसकी लगभग दो लाख रुपये की फसल बर्बाद हो गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शिकायत करने के बाद भी बचाव कार्य काफी देर से शुरू किया गया।


अधिकारियों की प्रतिक्रिया

“कोई बड़ी दिक्कत नहीं आएगी, पानी की मांग कम है”

अभिनव वर्मा, कार्यकारी अभियंता, जीएमडीए

“गुरुग्राम नहर की हालत खराब है, लेकिन सर्दियों में पानी की मांग कम रहती है। सोमवार को यदि पानी छोड़ दिया जाता है तो जल आपूर्ति में खास दिक्कत नहीं आएगी। बसई जल शोधन संयंत्र में पर्याप्त स्टोरेज क्षमता मौजूद है।”

“कटाव को दुरुस्त करने का काम जारी है”

रविंद्र कुमार, कार्यकारी अभियंता, सिंचाई विभाग

“नहर के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत शुरू कर दी गई है। देर रात तक इसे पूरी तरह दुरुस्त कर दिया जाएगा। सोमवार से नहर में पानी छोड़ा जाएगा।”


अभी की स्थिति – मरम्मत जारी, नहर से पानी सप्लाई बंद

सिंचाई विभाग ने नहर में पानी छोड़ना बंद कर दिया है और फिलहाल कटाव को रोकने का काम तेजी से जारी है। अधिकारियों का दावा है कि स्थिति नियंत्रण में है और सोमवार से जल आपूर्ति सामान्य बनाए रखने की तैयारी की जा रही है।

Sunil Yadav

सुनील यादव पिछले लगभग 15 वर्षों से गुरुग्राम की पत्रकारिता में सक्रिय एक अनुभवी और विश्वसनीय पत्रकार हैं। उन्होंने कई बड़े नेशनल न्यूज़ चैनलों में ( India Tv, Times Now,… More »
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