Cyber Police Action : गुरुग्राम पुलिस ने पकड़ा नेपाल का साइबर गैंग, स्टॉक ट्रेडिंग के नाम पर करोड़ों की ठगी
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि ठगी के धंधे में बैंक खातों की खरीद-फरोख्त का एक बड़ा सिंडिकेट काम कर रहा था। मिलन थापा और शेर बहादुर ने फर्जी फर्म के नाम पर खाता खुलवाकर मनीष को मात्र 5000 में बेच दिया था।

Cyber Police Action : स्टॉक मार्केट और आईपीओ (IPO) में भारी मुनाफे का लालच देकर निवेश कराने वाले एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का गुरुग्राम पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। साइबर अपराध थाना (दक्षिण) की टीम ने कार्रवाई करते हुए नेपाल मूल के चार आरोपियों सहित कुल पांच शातिर ठगों को धर दबोचा है। यह गिरोह व्हाट्सऐप ग्रुप और फर्जी मोबाइल ऐप के जरिए लोगों की मेहनत की कमाई को ‘को ठग रहे थे ।
एसीपी साइबर अपराध प्रियान्शु दिवान के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। प्रियान्शु दिवान ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों की पहचान नेपाल निवासी शेर बहादुर कार्की, मिलन थापा, यनजय राय, मनीष और पंजाब निवासी विरेन्द्र पाल सिंह के रूप में हुई है। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने ‘तारा लॉजिस्टिक प्राइवेट लिमिटेड’ नामक एक फर्जी फर्म बनाई थी। इस फर्म के बैंक खाते का इस्तेमाल ठगी की रकम को खपाने के लिए किया जाता था।

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि ठगी के धंधे में बैंक खातों की खरीद-फरोख्त का एक बड़ा सिंडिकेट काम कर रहा था। मिलन थापा और शेर बहादुर ने फर्जी फर्म के नाम पर खाता खुलवाकर मनीष को मात्र 5000 में बेच दिया था। इसके बाद मनीष ने यह खाता विरेन्द्र को 5% कमीशन पर थमाया, जिसने आगे इसे 2% कमीशन के लालच में अन्य अपराधियों को सौंप दिया।
पुलिस ने आरोपियों के पास से ठगी में इस्तेमाल होने वाला डिजिटल और बैंकिंग साजो-सामान बरामद किया है। 07 स्मार्टफोन्स (जिनसे ठगी के मैसेज और ग्रुप चलाए जाते थे),20 एटीएम कार्ड्स (पैसे निकालने के लिए इस्तेमाल),18 चेकबुक और 04 पासबुक (विभिन्न फर्जी खातों से जुड़ी) बरामद की गई।

पीड़ित ने 1 नवंबर 2025 को शिकायत दर्ज कराई थी कि उसे एक व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़कर स्टॉक ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड कराया गया। वहां उसे भारी रिटर्न का झांसा देकर लाखों रुपये निवेश कराए गए, लेकिन जब मुनाफे के पैसे निकालने की बारी आई, तो ऐप और ग्रुप दोनों गायब हो गए।
गुरुग्राम पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अज्ञात व्हाट्सऐप लिंक या अनाधिकृत ट्रेडिंग ऐप पर भरोसा न करें। निवेश से पहले संस्था की सेबी (SEBI) से मान्यता की जांच जरूर करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत 1930 पर दें।










