CBSE Board Exam : स्कूल की एक गलती से बच्चों का साल बर्बाद, एडमिट कार्ड न मिलने पर DC आवास के बाहर हंगामा
रात 3 बजे तक DC आवास के बाहर गुहार लगाते रहे अभिभावक; 8वीं तक की मान्यता पर चल रही थी 10वीं की कक्षाएं, अब हाईकोर्ट की शरण में स्कूल

CBSE Board Exam : दिल्ली से सटे गुरुग्राम में स्कूल की लापरवाही के कारण 11 बच्चे बोर्ड की परीक्षा नहीं दे सके। स्कूल प्रबंधन के कारण दसवीं कक्षा के छात्रों का एक साल खराब हो गया। मंगलवार से सीबीएसई (CBSE) की दसवीं की परीक्षाएं शुरू हुईं, लेकिन सेक्टर-9 स्थित एजुक्रस्ट इंटरनेशनल स्कूल के 11 बच्चों के लिए यह दिन किसी बुरे सपने जैसा साबित हुआ।
साल भर की मेहनत, रात-रात भर जागकर की गई तैयारी और आंखों में सुनहरे भविष्य के सपने सब तब चकनाचूर हो गए जब परीक्षा केंद्र पर इन बच्चों को प्रवेश देने से मना कर दिया गया। कारण स्कूल ने इन बच्चों के एडमिट कार्ड ही जारी नहीं किए थे।
एजुक्रस्ट इंटरनेशनल स्कूल के 25 में से 11 छात्र मंगलवार को परीक्षा केंद्र से बैरंग लौट आए। जैसे ही बच्चों को पता चला कि उनका एडमिट कार्ड नहीं आया है, सेंटर के बाहर सन्नाटा पसर गया। कई छात्राएं वहीं फूट-फूट कर रोने लगीं। अभिभावकों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। उनका आरोप है कि स्कूल ने एफिलिएशन (संबद्धता) की बात छिपाई और धोखे में रखकर बच्चों का भविष्य बर्बाद कर दिया।
समस्या का समाधान न होता देख परेशान अभिभावक सोमवार देर रात अपने बच्चों के साथ जिला उपायुक्त (DC) आवास के बाहर धरने पर बैठ गए। रात के 3 बज गए, बच्चे ठंड में कांपते रहे, लेकिन उन्हें कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला। मंगलवार सुबह भी डीसी कार्यालय के बाहर भारी रोष देखने को मिला।
8वीं तक की मान्यता, पढ़ा रहे थे 10वीं
इस मामले में सबसे बड़ा खुलासा शिक्षा विभाग की जांच में हुआ है। जिला शिक्षा अधिकारी इंदू बोकन ने बताया कि रिकॉर्ड के अनुसार इस स्कूल को केवल कक्षा 8वीं तक की ही मान्यता प्राप्त है। विभाग ने स्कूल से स्पष्टीकरण मांगा है कि बिना वैध मान्यता और बोर्ड संबद्धता के 10वीं की कक्षाएं कैसे संचालित की जा रही थीं।
स्कूल के चेयरमैन विनय कटारिया का कहना है कि तकनीकी कारणों और आवेदन के समय एफिलिएशन न मिलने की वजह से एडमिट कार्ड अटक गए हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों के भविष्य को बचाने के लिए वे पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर करने जा रहे हैं ताकि बच्चों को परीक्षा देने का मौका मिल सके।









