Bulldozer Action : साउथ सिटी एक में डीटीपी का बड़ा एक्शन, अवैध कब्जों को किया गया जमींदोज
सीएम विंडो पर शिकायत के बाद जागा विभाग; इमरजेंसी में बाधा बन रहे थे गेट, हरित क्षेत्र से भी हटा अतिक्रमण

Bulldozer Action : साइबर सिटी के पॉश इलाके साउथ सिटी-1 (South City-1) में मंगलवार को नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग (DTCP) के बड़ी कार्रवाई की गई। विभाग ने कॉलोनी की सार्वजनिक सड़कों पर अवैध रूप से लगाए गए लोहे के गेटों को बुलडोजर की मदद से तोड़ दिया। इस कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर भारी पुलिस बल तैनात रहा, हालांकि किसी भी प्रकार का विरोध देखने को नहीं मिला।
यह पूरी कार्रवाई मुख्यमंत्री शिकायत निवारण पोर्टल (CM Window) पर दर्ज एक शिकायत के बाद अमल में लाई गई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि कॉलोनी की सड़कों पर अवैध रूप से गेट लगाए गए हैं, जो दिन-रात बंद रहते हैं। इन गेटों पर कोई सुरक्षा गार्ड तैनात नहीं था, जिससे एम्बुलेंस और दमकल जैसी आपातकालीन सेवाओं को अंदर आने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।
डीटीपीई (DTP Enforcement) अमित मधोलिया ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद विभाग के कनिष्ठ अभियंता ने मौके का मुआयना किया था। जांच में पाया गया कि आरडब्ल्यूए (RWA) ने नियमों का उल्लंघन किया है। इसके बाद आरडब्ल्यूए को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, लेकिन उनकी ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर इन अवैध ढांचों को गिराने का निर्णय लिया गया।
कार्रवाई के दौरान केवल गेट ही नहीं, बल्कि हरित क्षेत्र (Green Belt) पर किए गए अवैध कब्जे को भी हटाया गया। एक निवासी ने सार्वजनिक ग्रीन बेल्ट पर अतिक्रमण कर वहां निजी पार्क विकसित कर लिया था। विभाग ने बुलडोजर की मदद से इस पूरी जगह को अतिक्रमण मुक्त करवा दिया है।
गुरुग्राम के पॉश इलाके साउथ सिटी-1 (South City-1) में मंगलवार को नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग (DTCP) का भारी पीला पंजा चला। विभाग ने कॉलोनी की सार्वजनिक सड़कों पर अवैध रूप से लगाए गए लोहे के गेटों को बुलडोजर की मदद से तोड़ दिया। इस कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर भारी पुलिस बल तैनात रहा, हालांकि किसी भी प्रकार का विरोध देखने को नहीं मिला।
सीएम विंडो की शिकायत पर एक्शन
यह पूरी कार्रवाई मुख्यमंत्री शिकायत निवारण पोर्टल (CM Window) पर दर्ज एक शिकायत के बाद अमल में लाई गई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि कॉलोनी की सड़कों पर अवैध रूप से गेट लगाए गए हैं, जो दिन-रात बंद रहते हैं। इन गेटों पर कोई सुरक्षा गार्ड तैनात नहीं था, जिससे एम्बुलेंस और दमकल जैसी आपातकालीन सेवाओं को अंदर आने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।
नियमों की अनदेखी पड़ी भारी
डीटीपीई (DTP Enforcement) अमित मधोलिया ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद विभाग के कनिष्ठ अभियंता ने मौके का मुआयना किया था। जांच में पाया गया कि आरडब्ल्यूए (RWA) ने नियमों का उल्लंघन किया है। इसके बाद आरडब्ल्यूए को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, लेकिन उनकी ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर इन अवैध ढांचों को गिराने का निर्णय लिया गया।
निजी पार्क और हरित क्षेत्र पर भी प्रहार
कार्रवाई के दौरान केवल गेट ही नहीं, बल्कि हरित क्षेत्र (Green Belt) पर किए गए अवैध कब्जे को भी हटाया गया। एक निवासी ने सार्वजनिक ग्रीन बेल्ट पर अतिक्रमण कर वहां निजी पार्क विकसित कर लिया था। विभाग ने बुलडोजर की मदद से इस पूरी जगह को अतिक्रमण मुक्त करवा दिया है। (Bulldozer Action)
क्या हैं नियम?
डीटीपीई अमित मधोलिया ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा के लिए सड़कों पर केवल बूम बैरियर (Boom Barriers) लगाए जा सकते हैं, गेट नहीं। बूम बैरियर लगाने के लिए भी जिला उपायुक्त की अध्यक्षता वाली कमेटी से अनुमति लेना अनिवार्य है। बैरियर पर 24 घंटे सुरक्षा गार्ड की नियुक्ति जरूरी है ताकि आपात स्थिति में रास्ता तुरंत खोला जा सके। (Bulldozer Action)









