Gurugram में जाम और गड्ढों से मिलेगी राहत : PWD इन 3 मुख्य सड़कों को करेगा चौड़ा, जानें पूरा रूट प्लान
PWD के अधिकारियों के अनुसार, इन सड़कों के पुननिर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और ठेका जारी कर दिया गया है।

Gurugram के निवासियों के लिए राहत भरी खबर है। शहर की तीन महत्वपूर्ण सड़कों पर अब न तो गड्ढे परेशान करेंगे और न ही वाहनों की लंबी कतारें लगेंगी। लोक निर्माण विभाग (PWD) ने यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए करीब 12 किलोमीटर लंबी तीन मुख्य सड़कों के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण की योजना पर काम शुरू कर दिया है।
साढ़े तीन करोड़ का प्रोजेक्ट, एक साल में बदलेगी सूरत विभाग ने इस परियोजना के लिए साढ़े तीन करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। PWD के अधिकारियों के अनुसार, इन सड़कों के पुननिर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और ठेका जारी कर दिया गया है। विभाग ने इस काम को पूरा करने के लिए एक वर्ष का लक्ष्य निर्धारित किया है। योजना के तहत सड़कों की केवल मरम्मत ही नहीं होगी, बल्कि उनकी चौड़ाई भी बढ़ाई जाएगी ताकि बढ़ते ट्रैफिक का दबाव कम किया जा सके।
गुरुग्राम-अलवर मार्ग से सोहना-दौला: 4.70 किलोमीटर लंबे इस हिस्से का कायाकल्प होगा। सोहना से संपकी-नांगली मार्ग: लगभग 2.79 किलोमीटर लंबी सड़क को नए सिरे से तैयार किया जाएगा। गढ़ी बाजिदपुर स्कूल मार्ग: 4 किलोमीटर लंबी इस सड़क का निर्माण किया जाएगा, जिससे ग्रामीण और स्कूली छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी।
हादसों और प्रदूषण पर लगेगी लगाम स्थानीय लोगों की लंबे समय से शिकायत थी कि सड़कों पर गहरे गड्ढों के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं। साथ ही, जर्जर सड़कों से उड़ने वाली धूल वायु प्रदूषण का बड़ा कारण बन रही थी। PWD के कार्यकारी अभियंता चरनदीप सिंह ने बताया कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद न केवल सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी, बल्कि वाहनों की रफ्तार बढ़ने से प्रदूषण के स्तर में भी गिरावट दर्ज की जाएगी।

दौलताबाद रोड के लिए भी बन रही विशेष योजना बैठक के दौरान शहरी विकास के प्रधान सलाहकार डीएस ढेसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि द्वारका एक्सप्रेसवे को रेलवे स्टेशन से जोड़ने वाली दौलताबाद रोड (सेक्टर 104-105) की क्षमता बढ़ाने की संभावनाएं तलाशी जाएं। वर्तमान में यह सड़क 30 मीटर चौड़ी है, जिसे भविष्य में 84 मीटर तक करने या एलिवेटेड रोड बनाने का प्रस्ताव है।
सड़क सुरक्षा पर ट्रैफिक पुलिस की पैनी नज़र जनवरी में मनाए जा रहे ‘सड़क सुरक्षा माह’ के तहत ट्रैफिक डीसीपी डॉ. राजेश मोहन ने भी मोर्चा संभाल लिया है। उन्होंने आर्टिमिस सिग्नल और आंबेडकर चौक जैसे व्यस्त चौराहों का निरीक्षण कर अधिकारियों को ब्लैक स्पॉट्स (दुर्घटना संभावित क्षेत्र) खत्म करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल चालान काटना समाधान नहीं है, बल्कि सड़कों की इंजीनियरिंग में सुधार और चालकों में जागरूकता लाना प्राथमिकता है।










