Greater SPR : गुरुग्राम में बनेगा आउटर रिंग रोड़, 8 गांवों की ज़मीन होगी अधिग्रहण, दिल्ली-फरीदाबाद-मानेसर की कनेक्टिविटी होगी आसान

Greater SPR : गुरुग्राम के नए सेक्टरों और शहर की मुख्य सड़क नेटवर्क के बीच कनेक्टिविटी गैप जल्द ही खत्म हो सकता है। केंद्र सरकार ग्रेटर सदर्न पेरिफेरल रोड (GSPR) प्रोजेक्ट को दोबारा शुरू करने के प्रयास में है । केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने इसकी आवश्यकता पर जोर देते हुए अधिकारियों को भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
करीब 12,000 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य दिल्ली, गुरुग्राम और औद्योगिक हब मानेसर के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करना और यातायात दबाव को कम करना है। मंत्री ने कहा, “ग्रेटर एसपीआर के निर्माण के बाद नए गुरुग्राम के सेक्टर सीधे दिल्ली-जयपुर हाईवे और मानेसर से जुड़ जाएंगे।”
वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक
राव इंद्रजीत सिंह ने उपायुक्त अजय कुमार, HSVP प्रशासक वैशाली सिंह और GMDA अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रोजेक्ट की प्रगति पर चर्चा की। अधिकारियों के अनुसार, यह सड़क शहर के लिए एक तरह की आउटर रिंग रोड की तरह काम करेगी, जिससे न केवल आसपास के गांवों को लाभ मिलेगा बल्कि दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक जाम भी कम होंगे। ट्रैफिक भार घटने से शहर में प्रदूषण स्तर में कमी आने की भी उम्मीद है। (Delhi Gurugram Expressway)
अधिग्रहण में अड़चनें और कोर्ट केस
Haryana Sahahri Vikas Pradhikaran (पूर्व में HUDA) ने 2016 में 12 किमी लंबे Greater SPR के लिए भूमि अधिग्रहण शुरू किया था, लेकिन नौरंगपुर और आसपास के गांवों के landowners द्वारा दायर याचिकाओं के कारण प्रक्रिया पर कोर्ट ने रोक लगा दी थी। 2018 में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने यह रोक हटा ली, लेकिन अधिग्रहण लागत ज्यादा होने और HSVP की वित्तीय चुनौतियों के चलते परियोजना आगे नहीं बढ़ पाई।

Greater SPR का क्या होगा रुट ?
Greater SPR का प्रस्तावित मार्ग NH-48 पर IMT मानेसर के NSG कैंपस के पास नैनवाल गांव से शुरू होगा, फिर ये रोड़ नौरंगपुर होते हुए शिकोहपुर, बार गुर्जर, सकतपुर, टीकली, अकलिमपुर, बादशाहपुर होते हुए कादरपुर, बहरामपुर होते हुए गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड तक पहुंचेगा, वहां से MG रोड को पार करते हुए सरहौल (दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर) के पास एंबियंस मॉल के पीछे दोबारा NH-48 से जुड़ेगा। यह मार्ग गुरुग्राम-मानेसर 2031 योजना के अनुरूप तैयार किया गया है। (Greater Southern Peripheral Road)
आठ गांवों में 395 एकड़ भूमि का अधिग्रहण
90 मीटर चौड़ी इस सड़क के दोनों ओर 30-30 मीटर की ग्रीन बेल्ट रखने का प्रस्ताव है। परियोजना के लिए कुल 395 एकड़ भूमि अधिग्रहित की जानी है, जो इन आठ गांवों में फैली हुई है: अकलिमपुर, टीकली, सकतपुर, शिकोहपुर, नौरंगपुर, बार गुर्जर, नैनवाल और मानेसर । यह सड़क मौजूदा SPR के समानांतर 2.5 किमी की दूरी पर बनाई जाएगी । ग्रेटर एसपीआर के लागू होने से गुरुग्राम के नए सेक्टरों को कनेक्टिविटी में बड़ी राहत मिलने के साथ-साथ शहर के यातायात ढांचे पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है। (Delhi-Manesar)











