Notice : गुरुग्राम के DLF में 4,565 मकान मालिकों को नोटिस जारी, 16 जनवरी तक का अल्टीमेटम

Notice : पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के अनुपालन में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (टीसीपी) विभाग, गुरुग्राम की एनफोर्समेंट विंग ने डीएलएफ फेज 1 से 5 में अवैध निर्माण और रिहायशी संपत्तियों के व्यावसायिक उपयोग से जुड़े मामलों पर कार्रवाई की प्रक्रिया को आगे बढ़ा दिया है। इसी क्रम में विभाग ने एक रिवाइज्ड पब्लिक नोटिस जारी किया है, जिसे विभागीय वेबसाइट के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर के हिंदी और अंग्रेजी समाचार पत्रों में प्रकाशित कराया गया है।
पुनः सर्वे में बढ़ी उल्लंघन वाली यूनिट्स की संख्या
टीसीपी विभाग द्वारा पहले कराए गए सर्वे में डीएलएफ फेज 1 से 5 के 4183 प्लॉट/मकानों में नियम उल्लंघन सामने आए थे। इसके बाद कराए गए पुनः सर्वे में 382 अतिरिक्त मकान/प्लॉट सूची में जोड़े गए हैं। इस तरह अब कुल 4565 यूनिट्स नोटिस सूची में शामिल की गई हैं।
विभाग ने सभी प्रभावित यूनिट्स की सूची tcpharyana.gov.in पर सार्वजनिक कर दी है, ताकि संबंधित संपत्ति मालिक अपनी स्थिति स्वयं जांच सकें।
16 जनवरी 2025 तक दर्ज कर सकते हैं आपत्ति
टीसीपी विभाग ने सूची में शामिल सभी मकान और प्लॉट मालिकों से अपील की है कि यदि उन्हें सर्वे या उल्लंघन की श्रेणी पर कोई आपत्ति है, तो वे 16 जनवरी 2025 तक अपनी लिखित आपत्तियां डीटीपी एनफोर्समेंट कार्यालय, गुरुग्राम में जमा कराएं।
आपत्ति के साथ निम्न दस्तावेज अनिवार्य होंगे:
स्वीकृत बिल्डिंग प्लान
बिल्डिंग प्लान अप्रूवल लेटर (BR-3)
ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट
भवन की वर्तमान फोटोग्राफ्स
आवेदक का नाम, पूरा पता और संपर्क विवरण
विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित तिथि के बाद प्राप्त आपत्तियों पर विचार नहीं किया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के आदेशों के बाद तेज हुई प्रक्रिया
मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 28 अक्टूबर 2025 को टिप्पणी की थी कि कई प्रभावित मकान मालिकों को पूर्व में न तो पक्षकार बनाया गया और न ही उन्हें सुनवाई का अवसर मिला। इसके चलते पुराने आदेश को निरस्त कर संबंधित याचिकाएं पुनः हाईकोर्ट में बहाल की गईं।
इसके बाद 26 नवंबर 2025 को हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और टाउन प्लानिंग विभाग को निर्देश दिए कि सभी प्रभावित पक्षों को व्यापक स्तर पर सूचना देकर उनकी आपत्तियां सुनी जाएं और आगे की कार्रवाई की जाए।

45 दिनों में पूरी होगी प्रक्रिया, 31 जनवरी 2026 को अगली सुनवाई
डीटीपीई अमित मधोलिया ने बताया कि 16 जनवरी तक प्राप्त आपत्तियों के आधार पर हाईकोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की जाएगी। कोर्ट के निर्देशों के अनुसार पूरी प्रक्रिया लगभग 45 दिनों में पूरी की जानी है।
मामले में अगली सुनवाई 30 जनवरी 2026 को प्रस्तावित है। विभाग ने दोहराया कि अवैध निर्माण और रिहायशी संपत्तियों में व्यावसायिक गतिविधियां हरियाणा डेवलपमेंट एंड रेग्युलेशन ऑफ अर्बन एरियाज एक्ट का प्रत्यक्ष उल्लंघन हैं और आगे की सभी कार्रवाई हाईकोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुरूप की जाएगी।













