National Lok Adalat : 90 हजार से ज्यादा केस निपटे, 24.93 करोड़ का समझौता
आम जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए, जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण, गुरुग्राम द्वारा विशेष पहल की गई। ट्रैफिक चालान के त्वरित निपटारे के लिए जिला न्यायालय के गेट नंबर दो के समीप ट्रैफिक हेल्प डेस्क स्थापित की गई थी।

National Lok Adalat : जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण (DLSA) द्वारा आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत ने रिकॉर्ड तोड़ सफलता हासिल की है। जिला न्यायालय परिसर, सोहना और पटौदी में गठित कुल 29 पीठों में विभिन्न श्रेणियों के 90,886 मामलों का सफलतापूर्वक निपटारा किया गया। इस निपटारे से कुल 24 करोड़ 93 लाख 8 सौ 47 रुपये का भारी-भरकम सेटलमेंट राशि तय हुई।
यह आयोजन न्यायाधीश, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय तथा कार्यकारी अध्यक्ष, हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन और जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण गुरुग्राम वाणी गोपाल शर्मा के निर्देशानुसार संपन्न हुआ।

जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, DLSA द्वारा जिला न्यायालय परिसर में 27 पीठों का गठन किया गया था, जबकि उप-मंडल सोहना एवं पटौदी में भी एक-एक पीठ स्थापित की गई।
मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं सचिव, DLSA, गुरुग्राम राकेश कादियान ने जानकारी दी कि इस राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 97,678 मामलों को सूचीबद्ध किया गया था। इसमें से 90,886 मामलों का निपटारा आपसी सहमति और समझौते के माध्यम से किया गया, जिससे बड़ी संख्या में नागरिकों को त्वरित न्याय का लाभ मिला।
प्रमुख उपलब्धियाँ:
| विवरण | संख्या / राशि |
| कुल पीठों का गठन | 29 (गुरुग्राम, सोहना, पटौदी) |
| कुल सूचीबद्ध मामले | 97,678 (लगभग) |
| कुल निपटाए गए मामले | 90,886 |
| कुल सेटलमेंट राशि | 24,93,08,47 |
आम जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए, जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण, गुरुग्राम द्वारा विशेष पहल की गई। ट्रैफिक चालान के त्वरित निपटारे के लिए जिला न्यायालय के गेट नंबर दो के समीप ट्रैफिक हेल्प डेस्क स्थापित की गई थी। इस डेस्क ने लोगों को अपने चालान निकलवाने और भुगतान करने में सहायता की, जिससे उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा।
लोक अदालत में नियुक्त पैनल अधिवक्ताओं ने भी सक्रिय रूप से भाग लिया और दोनों पक्षों के बीच सौहार्दपूर्ण समझौता कराने में न्यायालयों एवं DLSA को पूरा सहयोग दिया। इस सफल आयोजन ने न्याय प्रक्रिया को सरल, त्वरित और पक्षकारों के अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित किया है।











