Haryana Building Code में बड़ा बदलाव : हरियाणा में अब मकान बनाना हुआ आसान, OC लेने का झंझट हुआ खत्म
ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट से मुक्ति: अब 10 मीटर की ऊँचाई तक के मकान, दुकान, और छोटे प्रतिष्ठान बनाने वालों को निर्माण के बाद ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट (Occupancy Certificate) लेने के झंझट से गुजरना नहीं पड़ेगा।

Haryana Building Code : हरियाणा सरकार ने भवन निर्माण प्रक्रिया को आम नागरिक और छोटे बिल्डरों के लिए अभूतपूर्व रूप से सरल बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार को, राज्य सरकार ने वर्ष 2017 के हरियाणा बिल्डिंग कोड में महत्वपूर्ण संशोधन की घोषणा की है, जिसका सीधा लाभ उन लाखों लोगों को मिलेगा जो अपना घर, दुकान, होटल या फैक्ट्री बनाना चाहते हैं।
ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट से मुक्ति: अब 10 मीटर की ऊँचाई तक के मकान, दुकान, और छोटे प्रतिष्ठान बनाने वालों को निर्माण के बाद ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट (Occupancy Certificate) लेने के झंझट से गुजरना नहीं पड़ेगा।
मंजूरी की प्रक्रिया हुई सरल: छोटे भवन स्वामियों को अब निर्माण से पहले और बाद में सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं होगी।
10 मीटर से अधिक ऊँचाई (40 मीटर तक) वाले एक्सटेंडेड और वेंटिलेटेड बिल्डिंग (जैसे- ग्रुप हाउसिंग, शिक्षण संस्थान, और अस्पताल) के लिए भी प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। इन श्रेणियों में, पंजीकृत वास्तुकार (Registered Architect) अब स्वयं निर्माण और ऑक्यूपेशन का सेल्फ-सर्टिफिकेशन देकर तुरंत मंजूरी दिलवा सकेंगे।
डिजिटल और फास्ट-ट्रैक अप्रूवल: सरकार नई प्रणाली को लागू कर रही है, जिससे मंजूरी और परमिशन का काम डिजिटल माध्यम से होगा और समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सकेगा।
यह फैसला उन छोटे और मध्यम कारोबारियों के लिए विशेष राहत लेकर आया है, जो अपनी दुकान, होटल, मॉल या फैक्ट्री बनाना चाहते हैं। उन्हें अब निर्माण की छोटी-छोटी प्रक्रियाओं के लिए सरकारी कागजी कार्रवाई में उलझना नहीं पड़ेगा, जिससे उनका समय और पैसा दोनों बचेगा।
यह कदम ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (Ease of Doing Business) की दिशा में एक बड़ी छलांग है, जिससे प्रदेश में निजी निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। अब कमर्शियल कॉम्प्लेक्स, मल्टी-लेवल हाउसिंग, डेटा सेंटर, और शैक्षणिक संस्थानों के निर्माण में भी तेजी आएगी।









