Gurugram : रॉन्ग पार्किंग में खड़ी गाड़ी की फोटो पर काट दिया बाइक का चालान
गाड़ी और बाइक के रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट में केवल एक ही अंक का अंतर है, जिस वजह से ये सारी गड़बड़ हुई है । गाड़ी के नंबर में DD लिखा हुआ है जबकि बाइक के नंबर में DF है और चालान भी DF का बना दिया गया

Gurugram : गुरुग्राम में ट्रैफिक पुलिस द्वारा एक गाड़ी का रॉन्ग पार्किंग का चालान बाइक के नंबर पर काट दिया गया । चालान के फोटो में तो गाड़ी दिखाई दे रही है लेकिन चालान घर पर खड़ी बाइक का काट दिया गया । गाड़ी और चालान में दर्ज रजिस्ट्रेशन नंबर भी अलग अलग हैं । जिसके नाम पर चालान हुआ है उनका कहना है कि पुलिस में कई बार शिकायत दर्ज होने के बाद भी समाधान नहीं हुआ ।
अभी कुछ दिन पहले ही हमने आपको खबर दिखाई थी कि गुरुग्राम में एक इलेक्ट्रिक गाड़ी का प्रदूषण का चालान काट दिया गया था जिसके बाद गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस ने टैक्निकल गलती मानते हुए उस चालान को वापिस लिया लेकिन अब ट्रैफिक पुलिस की एक और गलती सामने आई है । जिसमें चालान की फोटो में गाड़ी और चालान बाइक के नाम पर काट दिया गया ।

दरअसल शिकोहपुर के रहने वाले दीपक ने गुरुग्राम न्यूज़ को संपर्क कर बताया कि उनकी स्पलेंडर बाइक उनके घर पर खड़ी थी लेकिन कुछ दिन पहले उनके मोबाइल पर चालान का एक मैसेज आया जब उन्होनें उसे देखा तो उन्हें यकीन नहीं क्योंकि चालान की कॉपी में गाड़ी दिखाई दे रही है जबकि चालान उनकी बाइक के नंबर पर काट दिया गया । शिकायतकर्ता ने बताया कि वो कई बार इसकी शिकायत डीसीपी ट्रैफिक ऑफिस में कर चुके हैं लेकिन कोई समाधान नहीं हो पाया ।


ये चालान 12 दिसंबर 2025 का है जब एक HR-26-DD-4715 नंबर की गाड़ी सेक्टर 37 में सब्ज़ी मंडी के पास रॉन्ग पार्किंग में खड़ी हुई थी तो ट्रैफिक पुलिसकर्मी ने उसका चालान बना दिया लेकिन जब चालान बनाया गया तो उसमें इस गाड़ी के नंबर की बजाय HR-26-DF-4715 हीरो स्पलेंडर बाइक का डाल दिया जिसकी वजह से बाइक के मालिक के पास चालान पहुंच गया ।
गाड़ी और बाइक के रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट में केवल एक ही अंक का अंतर है, जिस वजह से ये सारी गड़बड़ हुई है । गाड़ी के नंबर में DD लिखा हुआ है जबकि बाइक के नंबर में DF है और चालान भी DF का बना दिया गया जिसकी वजह से ये चालान बाइक मालिक के पास पहुंच गया ।


इस मामले में जब हमने गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस के प्रवक्ता विकास वर्मा से बात की तो उन्होंने बताया कि इस तरह की गलतियां कई बार टाइपिंग एरर के चलते हो जाती है लेकिन जैसे कोई इसकी जानकारी ट्रैफिक पुलिस को देता है तो उसकी पुष्टि के बाद गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस चालान में सुधार कर देती है ।
सवाल तो ये उठता है कि जब कोई ट्रैफिक पुलिस कर्मी या सिस्टम इस तरह वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर चालान तैयार करते हैं तो उसे वैरिफाई नहीं किया जाता जिस वजह से इस तरह के ब्लंडर होते हैं । अब पुलिस इस चालान को ठीक करने की बात कह रही है ।











