Gurugram की Sidhrawali पंचायत बनी मॉडल सोलर विलेज, जीते 1 करोड़
यह प्रतियोगिता 24 अप्रैल 2025 को शुरू की गई थी, जिसमें ग्रामीण उपभोक्ताओं को रूफटॉप सोलर सिस्टम से जोड़कर 'स्वच्छ ऊर्जा' के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया था।

Sidhrawali Village : ग्रामीण क्षेत्रों को सौर ऊर्जा के दम पर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ी सफलता मिली है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ के तहत आयोजित मॉडल सोलर विलेज प्रतियोगिता के परिणाम बुधवार को जारी कर दिए गए हैं, जिसमें गुरुग्राम जिले की सिधरावली ग्राम पंचायत को विजेता घोषित किया गया है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, अपर उपायुक्त (ADC) वत्सल वशिष्ठ की अध्यक्षता में हुई जिला स्तरीय कमेटी (DLC) की बैठक में इस निर्णय की घोषणा की गई। छह महीने तक चले कड़े मूल्यांकन के बाद, सिधरावली ग्राम पंचायत को नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की ओर से एक करोड़ रुपये (₹1 करोड़) का प्रोत्साहन अनुदान प्रदान किया जाएगा।
यह प्रतियोगिता 24 अप्रैल 2025 को शुरू की गई थी, जिसमें ग्रामीण उपभोक्ताओं को रूफटॉप सोलर सिस्टम से जोड़कर ‘स्वच्छ ऊर्जा’ के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया था। इस दौड़ में सिधरावली के साथ-साथ टीकली, भोडाकला, खेड़ला और पथरेड़ी जैसी ग्राम पंचायतों ने भी सक्रिय रूप से भाग लिया।
डीएलसी कमेटी ने छह प्रमुख मापदंडों पर गांवों का निरीक्षण किया:

सोलर इंस्टॉलेशन घनत्व: सबसे अधिक घरों में सोलर पैनल की स्थापना।
बिजली बचत: कुल ऊर्जा खपत में कमी।
सामुदायिक जागरूकता: ग्रामीणों के बीच योजना के प्रति जागरूकता कार्यक्रम।
पंचायत की सक्रिय भागीदारी।
परियोजना की समग्र प्रगति।
एडीसी वशिष्ठ ने बताया कि सिधरावली ने न केवल सर्वाधिक घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने में सफलता पाई, बल्कि जागरूकता अभियानों के प्रभावी कार्यान्वयन में भी अन्य पंचायतों को पीछे छोड़ दिया।

विजेता पंचायत को मिली ₹1 करोड़ की पुरस्कार राशि का उपयोग सिधरावली गांव में सौर ऊर्जा ढांचे को मजबूत करने में किया जाएगा। योजना के तहत, इस राशि से सोलर स्ट्रीट लाइटों की स्थापना की जाएगी, साथ ही गांव के सरकारी भवनों में मौजूदा सोलर सिस्टम को अपग्रेड किया जाएगा। इसके अलावा, बचे हुए ग्रामीणों को भी ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना’ से जोड़ने के लिए अभियान चलाया जाएगा।
एडीसी वशिष्ठ ने सभी प्रतिभागी गांवों के प्रयासों की सराहना की और जिले के अन्य गांवों से भी स्वच्छ ऊर्जा क्रांति का हिस्सा बनने की अपील की। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा को अपनाकर हम न सिर्फ पर्यावरण की रक्षा कर रहे हैं, बल्कि अपनी बिजली जरूरतों के लिए भी आत्मनिर्भर बन रहे हैं।












