Gurugram: लिंगानुपात में शानदार उछाल,अवैध गर्भपात और लिंग जांच पर विभाग की सख्ती लाई रंग
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी 2025 में लिंगानुपात 877 था, जो फरवरी में 850 और मार्च में 751 तक गिरा था। हालांकि, अप्रैल माह में यह बढ़कर 907 और मई माह में 917 तक पहुंच गया। इस प्रकार, बीते दो महीनों में लिंगानुपात में 166 अंकों की प्रभावशाली वृद्धि दर्ज की गई है। यह सुधार स्वास्थ्य विभाग की लगातार जारी कार्रवाई का सीधा परिणाम है।

Gurugram News Network – मिलेनियम सिटी गुरुग्राम में स्वास्थ्य विभाग द्वारा अवैध गर्भपात और लिंग जांच के खिलाफ की जा रही सख्त कार्रवाई का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। लड़कों के मुकाबले अब जिले में बेटियों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे लिंगानुपात में सुधार देखने को मिल रहा है।
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी 2025 में लिंगानुपात 877 था, जो फरवरी में 850 और मार्च में 751 तक गिरा था। हालांकि, अप्रैल माह में यह बढ़कर 907 और मई माह में 917 तक पहुंच गया। इस प्रकार, बीते दो महीनों में लिंगानुपात में 166 अंकों की प्रभावशाली वृद्धि दर्ज की गई है। यह सुधार स्वास्थ्य विभाग की लगातार जारी कार्रवाई का सीधा परिणाम है।

अवैध गतिविधियों पर कसा शिकंजा
गौरतलब है कि गुरुग्राम जिले में अवैध तरीके से गर्भपात और लिंग जांच का काला कारोबार धड़ल्ले से चल रहा था। एजेंट गर्भवती महिलाओं को लिंग जांच के लिए दिल्ली और उत्तर प्रदेश तक लेकर जाते थे। इसी कारण साल 2024 में गुरुग्राम में एक हजार लड़कों पर लड़कियों का आंकड़ा 899 तक पहुंच गया था, जो बीते दस सालों में बेटियों की संख्या में सबसे बड़ी कमी थी। सरकार और स्वास्थ्य विभाग के तमाम प्रयासों के बावजूद लिंगानुपात में गिरावट दर्ज की गई थी।

इस गंभीर स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जिला टास्क फोर्स का गठन किया। इस टास्क फोर्स ने अवैध गर्भपात और लिंग जांच करने वालों पर शिकंजा कसना शुरू किया। साल 2025 में जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अवैध तरीके से गर्भपात के लिए ‘मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (एमटीपी) किट’ मुहैया करवाने वाले 13 स्थानों पर छापेमारी की। इनमें दो झोलाछाप डॉक्टर, चार केमिस्ट दुकानदार, एक लैब संचालक सहित अन्य शामिल थे। इसके अतिरिक्त, ऑनलाइन वेबसाइट बनाकर अवैध तरीके से एमटीपी किट बेचने वाले एक गिरोह का भी भंडाफोड़ किया गया। लिंग जांच करने वाले दो स्थानों पर भी कार्रवाई की गई, जिनमें एजेंट और डॉक्टरों को गिरफ्तार किया गया।
डॉ. प्रदीप यादव, डिप्टी सिविल सर्जन, ने बताया, “लिंगानुपात में कमी आने पर कारणों की जांच के बाद सर्वे किया गया। सर्वे के दौरान अवैध रूप से किट बेचने और लिंग जांच करने वालों की पहचान कर कार्रवाई की गई। पांच महीनों में गर्भपात के लिए किट देने वालों 13 और लिंग जांच करने वाले दो पर कार्रवाई की गई। सख्ती बढ़ने पर लिंगानुपात में भी बढ़ोतरी होना शुरू हो गया है। नियमित तौर पर जांच जारी रहेगी।”
लिंगानुपात के आंकड़े:
- जनवरी: 877
- फरवरी: 850
- मार्च: 751
- अप्रैल: 907
- मई: 917










