गर्मी से पहले Gurugram को बड़ी राहत: 16 सेक्टरों में अब नहीं होगा पानी का संकट, GMDA ने शुरू किया PLan
चंदू बुढेड़ा जल शोधन संयंत्र से बसई जल शोधन संयंत्र के पास से गुजरने वाली 1000 एमएम क्षमता की पाइपलाइन सेक्टर-51 के बूस्टिंग स्टेशन तक जाती है।

Gurugram : न्यू गुरुग्राम के निवासियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) ने आगामी गर्मियों के महीनों में क्षेत्र के 16 सेक्टरों में पर्याप्त पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए युद्धस्तर पर काम शुरू कर दिया है। बुधवार दोपहर को शुरू हुए इस महत्वपूर्ण कार्य के गुरुवार देर रात तक पूरा होने का दावा किया जा रहा है, जिसके बाद पानी की किल्लत काफी हद तक समाप्त हो जाएगी।
चंदू बुढेड़ा जल शोधन संयंत्र से बसई जल शोधन संयंत्र के पास से गुजरने वाली 1000 एमएम क्षमता की पाइपलाइन सेक्टर-51 के बूस्टिंग स्टेशन तक जाती है। इस लाइन की क्षमता 200 एमएलडी पानी की है, लेकिन रिसाव या अन्य कारणों से सेक्टर-51 तक पहुंचते-पहुंचते यह घटकर मात्र 100 एमएलडी रह जाती है। इस कमी के चलते सेक्टर-42 से लेकर 57 तक के रिहायशी इलाकों और सोसाइटियों को गर्मियों में अक्सर पानी के टैंकर पर निर्भर रहना पड़ता था।

इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए, जीएमडीए ने पाइपलाइन की क्षमता को 1000 एमएम से बढ़ाकर 1600 एमएम करने का काम शुरू किया है। इस अपग्रेडेशन के बाद, सेक्टर-51 बूस्टिंग स्टेशन के अधीन आने वाले क्षेत्रों को लगभग 40 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) अतिरिक्त पानी मिलने लगेगा।
जीएमडीए के कार्यकारी अभियंता अभिनव वर्मा ने बताया कि बसई जल शोधन संयंत्र के पास पाइपलाइन क्षमता बढ़ाने का काम तेजी से जारी है। उन्होंने कहा, “गुरुवार देर शाम तक काम पूरा हो जाएगा। इसके बाद शुक्रवार से सेक्टर-42 से लेकर सेक्टर-74 तक के निवासियों को अतिरिक्त पानी की सप्लाई मिलने लग जाएगी।”
पानी की मांग कम होने पर, जीएमडीए ने एक और अहम निर्णय लिया है। सर्दियों के दौरान जब सेक्टर-42 से 57 में पानी की मांग कम होगी, तब इस बढ़े हुए अतिरिक्त पानी को सेक्टर-58 से लेकर सेक्टर-80 तक के नए विकसित रिहायशी क्षेत्रों में भेजा जाएगा। मौजूदा समय में ये सेक्टर लगभग पूरी तरह से भूमिगत जल (Groundwater) पर निर्भर हैं, जिससे भूजल स्तर पर दबाव बढ़ रहा है। बढ़ी हुई सप्लाई इन सेक्टरों को बड़ी राहत देगी।
सेक्टर-72 में एक नया बूस्टिंग स्टेशन बनकर तैयार है, लेकिन द्वारका एक्सप्रेसवे (सेक्टर-36ए) के पास पानी की पाइपलाइन बिछाने का काम अभी भी रुका हुआ है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने एक्सप्रेसवे को नुकसान पहुंचने की आशंका जताते हुए इस काम को अनुमति नहीं दी है। जीएमडीए ने पाइपलाइन बिछाने के लिए एनएचएआई से जल्द मंजूरी देने की अपील की है, जिसकी प्रतीक्षा है।











