Gurugram : काम में ढिलाई बरतने वाले ठेकेदारों की खैर नहीं, अब पेड़ों को बिना काटे बनेंगे फुटपाथ

जीएमडीए के राइट ऑफ वे (ROW) पर किसी भी सरकारी या निजी विभाग को काम करने से पहले अनुमति लेना अनिवार्य होगा। साथ ही, सभी नई अवसंरचना की GIS टैगिंग की जाएगी ताकि भविष्य की योजनाओं को सुदृढ़ किया जा सके।

Gurugram : गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पी.सी. मीणा ने शहर की बुनियादी सुविधाओं और विकास कार्यों को लेकर कड़ा रुख अपना लिया है। सोमवार शाम को इंफ्रा-I और इंफ्रा-II टीमों के साथ हुई एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि विकास कार्यों में गुणवत्ता, सुरक्षा और समय-सीमा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। बैठक में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों को भविष्य के लिए अयोग्य घोषित करने और अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के सख्त निर्देश जारी किए गए।

CEO पी.सी. मीणा ने निर्देश दिए कि जो ठेकेदार निर्धारित समय के भीतर काम पूरा नहीं करेंगे, उन्हें भविष्य में जीएमडीए के किसी भी कार्य के आवंटन के लिए योग्य नहीं माना जाएगा। साथ ही, एजेंसियों का 10% भुगतान तब तक रोका जाएगा जब तक वे साइट से मलबे (सीएंडडी वेस्ट) और मिट्टी की पूरी सफाई सुनिश्चित नहीं कर देते।

शहर के सस्टेनेबल विकास पर जोर देते हुए सीईओ ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब फुटपाथ और साइकिल ट्रैक बनाने के लिए पेड़ों की कटाई नहीं की जाएगी जीएमडीए का लक्ष्य पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बुनियादी ढांचा तैयार करना है। इसके साथ ही ग्रीन बेल्ट में मौसमी फूलों और झाड़ियों को लगाकर सड़क गलियारों की सुंदरता बढ़ाई जाएगी। (Gurugram)

जलभराव की समस्या से निपटने के लिए इंजीनियरिंग विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वे सतही सड़क नालों का मास्टर ड्रेन से पूर्ण कनेक्शन प्रमाणित करें। अन्य प्रमुख निर्देश इस प्रकार हैंमुख्य सड़कों के गड्ढों को प्राथमिकता पर भरा जाए और थर्मोप्लास्टिक लेन मार्किंग की जाए।

फुटपाथों पर टूटे स्लैब और खुले मैनहोल को तुरंत ढकने के निर्देश दिए गए ताकि पैदल चलने वालों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। ट्रैफिक जाम कम करने के लिए टी-जंक्शनों को सुधारा जाएगा और नई स्लिप रोड का निर्माण होगा। 

मास्टर सेक्टर की सड़कों से निर्माण मलबे (C&D वेस्ट) और गाद को हटाने के लिए जीएमडीए और नगर निगम गुरुग्राम (MCG) मिलकर स्पेशल जॉइंट ड्राइव चलाएंगे। काम पूरा होने के बाद कनिष्ठ अभियंताओं (जेई) को फील्ड लेवल पर इसकी जवाबदेही प्रमाणित करनी होगी। (Gurugram)

जीएमडीए के राइट ऑफ वे (ROW) पर किसी भी सरकारी या निजी विभाग को काम करने से पहले अनुमति लेना अनिवार्य होगा। साथ ही, सभी नई अवसंरचना की GIS टैगिंग की जाएगी ताकि भविष्य की योजनाओं को सुदृढ़ किया जा सके।

सीईओ पीसी मीणा ने बताया कि  जीएमडीए हर स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए अपनी निविदा और निगरानी व्यवस्था को मजबूत कर रहा है। गुणवत्ता या जनसुरक्षा में किसी भी चूक से सख्ती से निपटा जाएगा।

Sunil Yadav

सुनील यादव पिछले लगभग 15 वर्षों से गुरुग्राम की पत्रकारिता में सक्रिय एक अनुभवी और विश्वसनीय पत्रकार हैं। उन्होंने कई बड़े नेशनल न्यूज़ चैनलों में ( India Tv, Times Now,… More »
Back to top button

Adblock Detected

Please consider supporting us by disabling your ad blocker!