Gurugram Bulldozer Action : ड्रेन-सीवर बनाने के लिए 1 KM लंबी सड़क चला पर पीला पंजा, 7 मीट की दुकानें और सब्ज़ी की दुकानें हटाईं

Gurugram Bulldozer Action : : गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) ने शहर की बुनियादी संरचना में सुधार की दिशा में एक बड़ी कार्रवाई की है। जिला नगर नियोजक (DTP) और प्रवर्तन के नोडल अधिकारी आर.एस. बाठ के नेतृत्व में सेक्टर 60/63 और 63/63ए की मास्टर डिवाइडिंग रोड पर वर्षों पुराने अवैध अतिक्रमणों को ध्वस्त कर दिया गया है।
इस कार्रवाई से करीब 1 किलोमीटर लंबी सर्विस रोड के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है, जो ड्रेनेज, सीवर और ग्रीन बेल्ट विकास में बड़ी बाधा बना हुआ था ।
इन अवैध ढांचों पर चला GMDA का पीला पंजा
निरीक्षण के दौरान टीम ने सर्विस रोड पर स्थानीय लोगों द्वारा किए गए कई अवैध कब्जों को चिन्हित किया था। ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान 7 मांस की दुकानें और 20 अस्थायी सब्जी की दुकानें, 1 क्रेच और 1 कबाड़ी की दुकान, 5 अवैध ठेले और अन्य अनधिकृत निर्माण को हटाया गया है ।
चेतावनी के बाद हुई सख्त कार्रवाई
नोडल अधिकारी आर.एस. बाठ ने बताया कि अतिक्रमणकारियों को पहले ही स्वेच्छा से जगह खाली करने की चेतावनी दी गई थी। निर्देशों का पालन न करने पर भारी पुलिस बल और जेसीबी की मदद से यह अभियान चलाया गया। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर 50 पुलिसकर्मी तैनात रहे।
7 दिनों में शुरू होगा सड़क निर्माण कार्य
यह कार्रवाई इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि सेक्टर 58 से 67 तक की सर्विस रोड की विशेष मरम्मत परियोजना (Infra-1 Division) को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है।
डेडलाइन: अगले 7 दिनों के भीतर सर्विस रोड का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
ग्रीन बेल्ट: एक निजी डेवलपर के साथ हुए MOU के तहत सड़क के साथ-साथ ग्रीन बेल्ट भी विकसित की जाएगी।
कुल उपलब्धि: अब तक सेक्टर 61/62 और 63 के आसपास लगभग 3 किलोमीटर लंबा क्षेत्र (ROW) अतिक्रमण मुक्त किया जा चुका है।
आर. एस. बाठ ने बताया कि जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के निर्देशानुसार, सेक्टर डिवाइडिंग रोड और ग्रीन बेल्ट को प्राथमिकता के आधार पर अतिक्रमण मुक्त किया जा रहा है। सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
विकास को मिलेगी रफ्तार
सड़क से अतिक्रमण हटने के बाद अब ड्रेनेज और सीवर लाइन का काम तेजी से पूरा होगा। इससे न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि मानसून के दौरान होने वाले जलभराव की समस्या से भी स्थानीय निवासियों को राहत मिलेगी।














