ED Gurugram: ऑटो मोबाइल कंपनियों की 557 करोड़ की संपत्ति जब्त कर की बड़ी कार्रवाई
ED ने मेसर्स एमटेक ऑटो लिमिटेड, मेसर्स एआरजी लिमिटेड, मेसर्स एसीआईएल लिमिटेड, मेसर्स मेटालिस्ट फोर्जिंग लिमिटेड, मेसर्स कास्टेक्स टेक्नोलॉजीज लिमिटेड, एमटेक समूह और अरविंद धाम से जुड़ी चल और अचल संपत्तियों को जब्त किया है। इनमें राजस्थाान और पंजाब में 145 एकड़ जमीन, दिल्ली एनसीआर में 342 करोड़ रुपये की संपत्तियां, 112.5 करोड़ रुपये की एफडी और बैंक में जमा राशि, शेयर म्यूयुअल फंड और एआईएफ में निवेश, 123.9 करोड़ की चल और अचल संपत्तियां शामिल हैं।

Gurugram News Network – ED गुरुग्राम ने धन शोधन अधिनियम के एक मामले में एमटेक समूह और इससे जुड़ी पांच कंपनियों, प्रमोटर और निदेशक की 557.49 करोड़ की चल-अचल संपत्ति को जब्त किया है। साल पांच सितंबर को 5115.31 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्ति को जब्त किया था। ईडी ने दिल्ली एनसीआर के अलावा राजस्थान और पंजाब में इन कंपनियों की संपत्तियों को जब्त किया है। इससे पहले 40 जगहों पर छापेमारी करने के बाद एमटेक समूह के अरविंद धाम को गिरफ्तार किया जा चुका है।
साल 27 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने एमटेक ऑटो ग्रुप ऑफ कंपनी के खिलाफ एक जनहित याचिका पर जांच शुरू करने के आदेश जारी किए थे। इस समूह पर 27 हजार करोड़ रुपये की बैंक से धोखाधड़ी करने का आरोप है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ईडी ने मामले जांच शुरू की। इस समूह के खिलाफ आईडीबीआई बैंक और बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने शिकायत दी थी। सीबीआई में इस सिलसिले में मामला दर्ज है। आरोप है कि बैंकों को गलत तरीके से नुकसान पहुंचाकर लिए गए ऋण को अवैध रूप से खुर्द बुर्द किया गया।

ED ने मेसर्स एमटेक ऑटो लिमिटेड, मेसर्स एआरजी लिमिटेड, मेसर्स एसीआईएल लिमिटेड, मेसर्स मेटालिस्ट फोर्जिंग लिमिटेड, मेसर्स कास्टेक्स टेक्नोलॉजीज लिमिटेड, एमटेक समूह और अरविंद धाम से जुड़ी चल और अचल संपत्तियों को जब्त किया है। इनमें राजस्थाान और पंजाब में 145 एकड़ जमीन, दिल्ली एनसीआर में 342 करोड़ रुपये की संपत्तियां, 112.5 करोड़ रुपये की एफडी और बैंक में जमा राशि, शेयर म्यूयुअल फंड और एआईएफ में निवेश, 123.9 करोड़ की चल और अचल संपत्तियां शामिल हैं।
ED के मुताबिक एमटेक समूह की सभी संपत्तियों की पहचान अपराध की प्रत्यक्ष आय (पीओसी) के रूप में की गई है। अरविंद धाम के स्वामित्व वाली कई कंपनियों और एमटेक कंपनियों की संपत्तियों के जरिए रखा गया है, जो ऋण मंजूर करने वाले बैंक के पास हैं। इसके अलावा जब्त की गई संपत्तियों में मुंबई स्थित कुख्यात शेयर बाजार ऑपरेटरों के निवेश शामिल हैं, जो एमटेक समूह की सूचीबद्ध कंपनियों के जरिए प्रतिभूति धोखाधड़ी में शामिल हैं। तीसरे पक्ष की संपत्तियां, जिनमें एमटेक समूह की रियल एस्टेट वर्टिकल से अपराध की आय थी, धोखाधड़ी वाली दिवालियेपन कार्यवाही के तहत एमटेक कंपनी की संपत्तियां और दिवालियेपन कार्यवाही शुरू होने से पहले अलग कर दी गई संपत्तियां शामिल हैं।











