Delhi-NCR में सांसों पर संकट: AQI 490 के पार, गैस चैंबर बनी राजधानी, GRAP-4 लागू

हवा की गति कम होने और पश्चिमी विक्षोभ के कारण प्रदूषक कणों के वातावरण में जमा होने से स्थिति बिगड़ी है। इस गंभीर स्थिति से निपटने के लिए CAQM ने कई कड़े कदम उठाए हैं:

Delhi-NCR :  राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उसके आसपास का क्षेत्र (NCR) एक बार फिर गंभीर वायु प्रदूषण की चपेट में आ गया है। हवा की गुणवत्ता ‘गंभीर’ (Severe) श्रेणी में पहुंचने के बाद, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने तत्काल प्रभाव से ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के सबसे सख्त चरण यानी स्टेज-IV को लागू कर दिया है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, रविवार सुबह दिल्ली के कई निगरानी स्टेशनों पर एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 490 के निशान को पार कर गया। आनंद विहार (491), रोहिणी (499), और वजीरपुर (493) जैसे इलाकों में स्थिति सबसे खराब दर्ज की गई, जिससे राजधानी ‘गैस चैंबर’ में तब्दील हो गई है। नोएडा में भी AQI 772 के खतरनाक स्तर तक पहुंच गया, जिसने चिंता कई गुना बढ़ा दी है।

दिल्ली से सटे गुरुग्राम के इलाके ग्वाल पहाड़ी का भी AQI पहली बार 491 दर्ज किया गया। जबकि मानेसर और टेरी ग्राम में भी AQI 350 के पार रहा। गुरुग्राम में पहली बार AQI 400 के पार दर्ज किया गया। ग्रैप-4 की पांबदी भी लागू की गई है। 50 से ज्यादा बड़े प्रोजेक्ट पर रोक भी लग गई है।

हवा की गति कम होने और पश्चिमी विक्षोभ के कारण प्रदूषक कणों के वातावरण में जमा होने से स्थिति बिगड़ी है। इस गंभीर स्थिति से निपटने के लिए CAQM ने कई कड़े कदम उठाए हैं:

निर्माण और तोड़फोड़ पर पूर्ण प्रतिबंध: गैर-जरूरी निर्माण (Construction) और तोड़फोड़ (Demolition) की गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। इसमें मिट्टी की खुदाई, वेल्डिंग, पेंटिंग, प्लास्टर, टाइल या फ़्लोरिंग से जुड़े सभी कार्य शामिल हैं।

सरकारी और निजी कार्यालयों में WFH: सभी सरकारी कार्यालयों (आवश्यक सेवाओं को छोड़कर) में कर्मचारियों की उपस्थिति 50% तक सीमित कर दी गई है। शेष 50% कर्मचारी घर से काम करेंगे (Work From Home)। निजी कार्यालयों से भी यह नीति सख्ती से लागू करने और काम के समय को अलग-अलग (Staggered Timings) रखने का आग्रह किया गया है।

स्कूलों में हाइब्रिड मोड: शिक्षा निदेशालय ने 9वीं और 11वीं कक्षा तक के छात्रों के लिए ‘हाइब्रिड मोड’ (ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों) में कक्षाएं संचालित करने का निर्देश दिया है।

अन्य औद्योगिक गतिविधियां बंद: रेडी-मिक्स कंक्रीट (RMC) प्लांट, स्टोन क्रशर, ईंट भट्ठे और खनन गतिविधियों पर भी पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है।

स्वास्थ्य चेतावनी: स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बुजुर्गों, बच्चों और सांस की बीमारियों से पीड़ित लोगों को घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, सोमवार से हवा की गति में मामूली सुधार आने की संभावना है, जिससे प्रदूषण के स्तर में कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि, स्थिति अभी भी बेहद चिंताजनक बनी हुई है

Sunil Yadav

सुनील यादव पिछले लगभग 15 वर्षों से गुरुग्राम की पत्रकारिता में सक्रिय एक अनुभवी और विश्वसनीय पत्रकार हैं। उन्होंने कई बड़े नेशनल न्यूज़ चैनलों में ( India Tv, Times Now,… More »
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