Check Bounce Case : चेक बाउंस होने पर युवती को हुई सजा, ब्याज सहित रुपये लौटाने के आदेश
गुरुग्राम निवासी ने अदालत में याचिका दायर कर बताया था कि उन्होंने जून 2016 में एक जानकार युवती को उसकी जरूरत के समय 4 लाख की नकद राशि उधार दी थी। युवती ने भरोसा दिलाया था कि वह यह रकम जल्द ही वापस कर देगी।

Check Bounce Case : पैसे के लेन-देन और चेक बाउंस के मामलों को लेकर अदालत ने एक बार फिर कड़ा रुख अपनाया है। गुरुग्राम की ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास (JMIC) प्रिया गुप्ता की अदालत ने 4 लाख के चेक बाउंस मामले में आरोपी युवती को दोषी करार देते हुए 3 महीने के कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने दोषी पर आर्थिक दंड भी लगाया है, जिसके तहत अब उसे शिकायतकर्ता को ब्याज सहित 6 लाख का भुगतान करना होगा।
गुरुग्राम निवासी ने अदालत में याचिका दायर कर बताया था कि उन्होंने जून 2016 में एक जानकार युवती को उसकी जरूरत के समय 4 लाख की नकद राशि उधार दी थी। युवती ने भरोसा दिलाया था कि वह यह रकम जल्द ही वापस कर देगी। (Check Bounce Case)
पैसे वापस करने के वादे के अनुसार युवती ने एक चेक सौंपा था। जब सुनील ने 26 अक्तूबर 2017 को यह चेक बैंक में जमा किया, तो खाते में पर्याप्त राशि न होने के कारण वह बाउंस हो गया। पीड़ित द्वारा कानूनी नोटिस भेजे जाने के बाद भी जब राशि का भुगतान नहीं किया गया, तो उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया।
मामले की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों पर गौर करने के बाद, ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट प्रिया गुप्ता ने युवती को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट (NI Act) के तहत दोषी पाया। कोर्ट ने तीन महीने की साधारण कैद और शिकायतकर्ता को ₹4 लाख की मूल राशि के स्थान पर ब्याज समेत कुल ₹6 लाख देने का आदेश दिया। (Check Bounce Case)









