Breaking News : पुलिस ने चोर को पकड़ा, रज़ाई के कवर को बना लिया फांसी का फंदा, पुलिस कस्टडी में मौत

Breaking News : गुरुग्राम पुलिस की क्राइम ब्रांच द्वारा पकड़े गए एक कुख्यात बदमाश ने पुलिस हिरासत में फांसी का फंदा लगाकर शुक्रवार को आत्महत्या कर ली । ये घटना गुरुग्राम पुलिस की फर्रुखनगर क्राइम ब्रांच के ऑफिस में हुई है । पुलिस टीम ने वांटेड आरोपी को चोरी के मामले में गिरफ्तार किया था । आरोपी ने रजाई के कवर का फंदा बनाकर खुद की जान ले ली ।
गुरुग्राम पुलिस के प्रवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि फर्रुखनगर क्राइम ब्रांच की टीम ने 26 दिसंबर शुक्रवार को फर्रुखनगर थाने में दर्ज एक चोरी के मामले में भिवाड़ी राजस्थान के गांव रामपुरा निवासी 22 वर्षीय आसिफ को गिरफ्तार किया था । जिसने लॉकअप में ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली ।

हिरासत में आत्महत्या का आरोप
पुलिस प्रवक्ता संदीप के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अपराध शाखा फरुखनगर में रखा गया था। इसी दौरान 26 दिसंबर 2025 को शाम करीब 03:45 बजे आरोपी ने कथित रूप से रोशनदान के जंगले में सर्दी के लिए दी गई रजाई के कवर को फाड़कर फांसी लगा ली। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम आरोपी को तुरंत अस्पताल लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना, मजिस्ट्रेटी जांच शुरू
घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को अवगत कराया गया। मौके पर पहुंचकर पंचनामा/इनक्वेस्ट की कार्रवाई नियमानुसार शुरू की गई है। मामले की मजिस्ट्रेटी जांच के लिए सक्षम प्राधिकारी को सूचना दे दी गई है। मृतक के परिजनों को भी घटना की जानकारी दे दी गई है और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया कानून के अनुसार कराई जाएगी।
SOP के तहत जांच, न्यायिक जज कर रहे हैं पड़ताल
प्रवक्ता ने बताया कि इस मामले में मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुरूप सभी कदम उठाए जा रहे हैं। नियुक्त न्यायिक जज द्वारा घटना से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, मृतक आरोपी आसिफ के खिलाफ वर्ष 2022 से अब तक कुल 08 अभियोग दर्ज हैं—

दिल्ली: 01 मामला
फरीदाबाद: 03 मामले
गुरुग्राम: 04 मामले
गुरुग्राम पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने जानकारी दी है कि मृतक आरोपी आसिफ पर दर्ज इन मामलों में से 04 मामलों में माननीय अदालत द्वारा सजा भी सुनाई जा चुकी थी ।
पुलिस हिरासत में हुई इस मौत को लेकर प्रशासन ने पारदर्शी जांच का भरोसा दिलाया है । मजिस्ट्रेटी जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारणों पर अंतिम स्थिति स्पष्ट हो सकेगी । पुलिस का कहना है कि मामले की गहनता से न्यायिक जांच होगी अगर जांच में कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी ।












