Haryana सरकार का बड़ा फैसला, अब रेजीडेंशियल प्लॉट पर डॉक्टर खोल सकेंगे Nursing Home

Nursing Home : हरियाणा सरकार ने लाइसेंस प्राप्त आवासीय कॉलोनियों में नर्सिंग होम स्थापित करने की नीति में महत्वपूर्ण संशोधन को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई । संशोधन के बाद अब योग्य डॉक्टर अपने स्वामित्व वाले आवासीय प्लॉट के अलावा लीज पर लिए गए आवासीय प्लॉट पर भी नर्सिंग होम स्थापित कर सकेंगे। इसके लिए निर्धारित कन्वर्जन शुल्क का भुगतान करना होगा ।

एलोपैथिक और आयुष डॉक्टरों को मिलेगी अनुमति

नई नीति के तहत एलोपैथिक और आयुष पद्धति से जुड़े योग्य डॉक्टरों के आवासीय प्लॉट पर नर्सिंग होम स्थापित करने की अनुमति दी जाएगी। इन नर्सिंग होम में मरीजों को भर्ती करने और इनडोर उपचार की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा सकेगी।

इसके लिए डॉक्टर के पास संबंधित मेडिकल काउंसिल या आयुष काउंसिल का वैध पंजीकरण नंबर होना अनिवार्य होगा। इसके अलावा डॉक्टर का वर्तमान में प्रैक्टिस करना और स्थानीय शाखा में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के साथ पंजीकृत होना भी आवश्यक होगा। इन शर्तों की पुष्टि के लिए आवेदन के साथ शपथ-पत्र भी देना होगा।

लीज की अवधि तक ही रहेगी अनुमति

सरकार के संशोधन में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि नर्सिंग होम स्थापित करने की अनुमति लीज पर लिए गए आवासीय प्लॉट के लिए दी जाती है, तो यह अनुमति लीज की अवधि के साथ सह-समाप्त (co-terminus) होगी। यानी लीज समाप्त होने के साथ नर्सिंग होम की अनुमति भी समाप्त हो जाएगी।

पहले केवल मालिकाना प्लॉट पर थी अनुमति

इससे पहले लागू नीति के तहत नर्सिंग होम स्थापित करने की अनुमति केवल योग्य डॉक्टरों के स्वामित्व वाले आवासीय प्लॉट पर ही दी जाती थी। अब सरकार ने लीज पर लिए गए आवासीय प्लॉट को भी इस दायरे में शामिल कर दिया है।

सरकार के इस फैसले से लाइसेंस प्राप्त आवासीय कॉलोनियों में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार का रास्ता आसान होगा और योग्य डॉक्टरों को नर्सिंग होम स्थापित करने के लिए अतिरिक्त विकल्प मिल सकेंगे।

Sunil Yadav

सुनील यादव पिछले लगभग 15 वर्षों से गुरुग्राम की पत्रकारिता में सक्रिय एक अनुभवी और विश्वसनीय पत्रकार हैं। उन्होंने कई बड़े नेशनल न्यूज़ चैनलों में ( India Tv, Times Now,… More »
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