Delhi-NCR में GRAP के नए नियम लागू ! AQI बढ़ते ही स्कूल हाइब्रिड, कंपनियों में होगा 50 फीसदी Work From Home

GRAP : दिल्ली एनसीआर में सर्दियां शुरु होते ही बढ़ने वाले वायु प्रदूषण से निपटने के लिए CAQM ने GRAP के नियमों में बदलाव कर दिया है । नया ग्रैप नियम तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है । अब प्रदूषण बढ़ने के साथ साथ अलग अलग चरणों में ग्रैप की पाबंदिया लागू की जाएंगी ।
नए GRAP का मकसद प्रदूषण बढ़ने के बाद अचानक कार्रवाई के बजाय एयर क्वालिटी के अलग अलग स्तर पर पहले के उपायों को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा यानि कि जैसे जैसे दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण का स्तर बढ़ेगा वैसे वैसे ग्रैप के अलग अलग चरण लागू किए जाएंगे ।
CAQM द्वारा दिल्ली एनसीआर में AQI लेवल को लेकर नए नियम लागू किए गए हैं । जैसे जैसे दिल्ली एनसीआर में AQI खराब होता जाएगा उतनी ही सख्ती बढ़ती जाएगी इसको लेकर GRAP के आधार पर चार स्टेज बनाई गई हैं ।
STAGE 1
पहले स्टेज तब लागू होगा जब दिल्ली एनसीआर का AQI लेवल 201 से 300 के बीच होगा । इस स्तर को खराब स्तर की श्रेणी में रखा गया है।
STAGE 2
दूसरा स्टेज तब लागू किया जाएगा जब AQI लेवल 301 से 400 के बीच पहुंच जाएगा । इसमें स्टेज 1 से ज्यादा पाबंदियां लागू कर दी जाएंगी जिनमें गाड़ियों पर प्रतिबंध, निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध जैसे प्रावधान शामिल हैं । इस श्रेणी को बहुत खराब का नाम दिया गया है ।
STAGE 3
इस स्टेज में AQI लेवल 401 से 450 के बीच होना चाहिए तब ये लागू होगी । इसको गंभीर श्रेणी में शामिल किया गया है । इस स्टेज में प्रदूषण फैलाने वाले गतिविधियों पर कड़े प्रतिबंध लागू किए जाएंगे ।
STAGE 4
ये श्रेणी तब लागू होगी जब AQI लेवल 450 के पार पहुंच जाएगा । इसमें हवा की गुणवत्ता को गंभीर प्लस की श्रेणी में रखा गया है । इस स्टेज के लागू होने पर दिल्ली एनसीआर में सबसे ज्यादा पाबंदियां लागू की जाएंगी ।
48 गतिविधियों को किया गया शामिल
CAQM के नए नियमों के अनुसार GRAP में कुल 48 गतिविधियों को शामिल किया गया है जो कि अलग अलग स्टेज लागू होने पर प्रतिबंधित की जाएंगी । इनमें स्टेज 1 में 25, स्टेज 2 में 8, स्टेज 3 में 10 और स्टेज 4 में 5 गतिविधियों को शामिल किया गया है । हर स्टेज में आम लोगों के लिए Citizen Charter भी जारी किया गया है, जिसमें बताया गया है कि लोगों को ग्रैप के दौरान किन कामों को करना चाहिए और किससे बचना चाहिए ।
हवा खराब होते ही बढ़ेंगे पार्किंग चार्ज
दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण की बढ़ोतरी के पीछे एक बड़ा कारण गाड़ियों के द्वारा पैदा किया जाने वाला प्रदूषण भी माना गया है । इसीलिए प्रदूषण का स्तर खराब होने के दौरान निजी गाड़ियों के इस्तेमाल में कमी लाने के लिए ग्रैप लागू होते ही पार्किंग चार्ज बढ़ाने जैसे प्रावधान को भी नए नियमों में शामिल किया गया है ताकि लोगों को प्रदूषण के दौरान निजी वाहनों के इस्तेमाल में कमी लाने के लिए प्रेरित किया जा सके ।
स्कूल भी होंगे बंद
अगर दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण का स्तर गंभीर स्थिति में पहुंच जाता है तो ना केवल दिल्ली बल्कि गुरुग्राम, फरीदाबाद, नोएडा, गाजियाबाद इलाके में पांचवी क्लास तक के स्कूलों को ऑनलाइन या फिर हाइब्रिड मोड में चलाने का विकल्प लागू किया जा सकता है ।
अगर प्रदूषण का स्तर 450 के पार पहुंच जाता है तो और स्टेज 4 लागू हो जाता है तो छठी से नौंवी और 11वीं क्लास के छात्रों के लिए भी हाइब्रिड क्लास का विकल्प लागू किया जा सकता है ।
ऑफिस में 50% स्टाफ, बाकि WORK FROM HOME
प्रदूषण का स्तर बेहद गंभीर होने पर सरकारी, नगर निगम और प्राइवेट दफ्तरों में 50 फीसदी कर्मचारियों के साथ काम कराने और बाकि स्टाफ को वर्क फ्रॉम होम देने का फैसला लिया जा सकता है । इससे सड़कों पर गाड़ियों की संख्यां घटेगी और प्रदूषण को कम करने में मदद मिलेगी ।
वाहनों पर भी लगेगी रोक
अगर दिल्ली एनसीआर में AQI लेवल 450 के पार चला जाता है तो दिल्ली में डीज़ल के बड़े वाहनों पर रोक लगाई जा सकती है । इस बार नियम और सख्त कर दिए गए हैं । नए नियमों के मुताबिक BS 4 से पुराने डीज़ल के जरुरी सामान वाले वाहनों को भी दिल्ली में एंट्री नहीं दी जाएगी ।
