Model Road:मॉडल रोड के नाम पर 6 करोड़ की ‘बंदरबांट’ की तैयारी! बिजवासन से पालम विहार का नया प्लान
कागजों पर साइकिल ट्रैक और ग्रीन बेल्ट का झांसा, जमीन पर पहली ही बारिश में बहेगी टैक्सपेयर्स की गाढ़ी कमाई?

Model Road : मॉडल रोड के नाम पर जनता की गाढ़ी कमाई लूटने की तैयारी? बिजवासन बॉर्डर से पालम विहार तक 6 करोड़ फूंकने का प्लान
नगर निगम गुरुग्राम (MCG) ने एक बार फिर जनता की गाढ़ी कमाई को ‘मॉडल रोड’ Model Road के नाम पर ठिकाने लगाने की पूरी तैयारी कर ली है। दावा किया जा रहा है कि दिल्ली बॉर्डर (बिजवासन) से पालम विहार के राम चौक तक करीब 4 किलोमीटर लंबी सड़क को 6 करोड़ रुपये की लागत से चमकाया जाएगा। टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और अगले महीने के अंत तक काम भी शुरू होने की उम्मीद है। लेकिन, कागजों पर दिखने वाली इस आलीशान ‘मॉडल रोड’ Model Road के पीछे की कड़वी सच्चाई कुछ और ही बयां कर रही है। स्थानीय निवासियों और जानकारों की मानें तो यह परियोजना विकास कम और जनता के टैक्स के पैसे की बंदरबांट की तैयारी ज्यादा लग रही है।
Model Road : कागजों पर ‘स्मार्ट’ सुविधाएं, जमीन पर सिर्फ गड्ढे
निगम के अधिकारी दावा कर रहे हैं कि इस 6 करोड़ के बजट से सड़क चौड़ी होगी, आधुनिक ड्रेनेज (जल निकासी) सिस्टम बनेगा, फुटपाथ, साइकिल ट्रैक, एलईडी लाइट्स और स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नल लगाए जाएंगे। प्रदूषण रोकने के लिए ग्रीन बेल्ट बनाने का भी दावा है।
बड़ा सवाल: गुरुग्राम के लोग अच्छी तरह जानते हैं कि निगम जब भी किसी सड़क को ‘मॉडल रोड’ घोषित करता है, तो कुछ ही महीनों में वह मॉडल ‘मड-रोड’ (कीचड़ की सड़क) में तब्दील हो जाती है। पहली ही बरसात में करोड़ों की ड्रेनेज व्यवस्था घुटने टेक देती है। ऐसे में 4 किलोमीटर के पैच पर 6 करोड़ रुपये फूंकना सिर्फ बजट को ठिकाने लगाने जैसा है।
Model Road : क्या पहली गाढ़ी कमाई की बर्बादी कम थी?
फिलहाल इस रूट पर चलने वाले वाहन चालक गहरे गड्ढों, उड़ती धूल और घंटों लंबे जाम से त्रस्त हैं। जनता का आरोप है कि पैचवर्क और मेंटेनेंस के नाम पर पहले भी इस सड़क पर लाखों रुपये बहाए जा चुके हैं, जो पहली ही बारिश में बह गए। अब नए सिरे से 6 करोड़ का टेंडर जारी कर अधिकारियों और ठेकेदारों की जेबें भरने का नया रास्ता निकाला जा रहा है।
जब तक काम पूरा होगा, तब तक आधी से ज्यादा सड़क पर दोबारा गड्ढे हो चुके होंगे। जनता का पूछना है कि क्या गारंटी है कि यह 6 करोड़ रुपये भी पहली ही बारिश के पानी में नहीं बहेंगे?
Model Road : अधिकारियों का वही रटा-रटाया दावा
इस पूरे मामले पर हमेशा की तरह निगम के अधिकारियों के पास दावों की लंबी फेहरिस्त है। नगर निगम गुरुग्राम के कार्यकारी अभियंता का कहना है कि “बिजवासन बॉर्डर से पालम विहार के राम चौक तक सड़क को मॉडल रोड के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।”
अधिकारी भले ही इसे सुगम और सुरक्षित सफर का नाम दे रहे हों, लेकिन साइबर सिटी की जनता अब इन ‘मॉडल रोड’ Model Road के दावों के पीछे के खेल को समझने लगी है। देखना होगा कि 6 करोड़ की यह भारी-भरकम राशि वाकई जमीन पर कोई बदलाव लाती है या फिर हमेशा की तरह यह Model Road प्रोजेक्ट भी सिर्फ फाइलों में ही ‘मॉडल’ बनकर रह जाता है।