Sanitation : गुरुग्राम में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल 7वें दिन भी जारी, सड़कों पर लगे कूड़े के ढेर
मानी गई मांगों के आधिकारिक आदेश जारी न होने से नाराज हैं कर्मचारी, 15 अगस्त को धरना स्थल पर ही फहराएंगे तिरंगा

Sanitation/गुरुग्राम
हरियाणा सरकार द्वारा पूर्व में स्वीकार की गई मांगों का आधिकारिक परिपत्र (सर्कुलर) जारी न करने के विरोध में नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा यूनियन की राज्यव्यापी हड़ताल (Sanitation Workers Strike) लगातार सातवें दिन भी जारी रही। कर्मचारियों की हड़ताल के कारण साइबर सिटी गुरुग्राम में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। सड़कों पर झाड़ू न लगने और कचरा न उठने से जगह-जगह कूड़े के ढेर लग गए हैं, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
धरना स्थल पर उग्र प्रदर्शन : Sanitation Workers Strike
हड़ताली कर्मचारियों ने पुराने नगर निगम कार्यालय परिसर में उग्र प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन की अध्यक्षता इकाई प्रधान सम्मी बोहत और फायर विभाग के जिला प्रधान साहुन खान ने संयुक्त रूप से की। आंदोलन का समर्थन करने सर्व कर्मचारी संघ, सीटू (CITU) और टूरिज्म यूनियन के नेता भी मौके पर पहुंचे।
17 सूत्रीय मांगों को लागू करने की मांग : Sanitation Workers Strike
कर्मचारी नेताओं का कहना है कि 13 मई को सरकार के साथ हुई बैठक में 17 सूत्रीय मांगों पर सहमति बनी थी। इसमें 30 जून तक सफाई कर्मियों, सीवरमैन, माली, क्लर्क और फायर ड्राइवरों को पक्का करने, ठेकेदारी प्रथा समाप्त करने, न्यूनतम वेतन 15,200 रुपये करने, छंटनीग्रस्त 3,480 कर्मचारियों को पुनः बहाल करने तथा 5,000 रुपये जोखिम भत्ता देने जैसे अहम वादे शामिल थे। हालांकि, समय बीत जाने के बाद भी सरकार केवल आश्वासन दे रही है और लिखित आदेश जारी नहीं कर रही है।
आगामी आंदोलन की रणनीति: Sanitation Workers Strike
15 अगस्त: कर्मचारी धरना स्थल पर ही ध्वजारोहण कर स्वतंत्रता दिवस मनाएंगे।
17 अगस्त से: मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और मेयर के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपे जाएंगे।
20 अगस्त से: गांवों, बस्तियों व बाजारों में पर्चे बांटकर और नुक्कड़ सभाएं करके जनता का समर्थन जुटाया जाएगा।
अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी : Sanitation Workers Strike
यूनियन नेताओं ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि 15 अगस्त तक मानी गई मांगों के लिखित आदेश जारी नहीं किए गए, तो इस आंदोलन को अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदल दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।
