NCR का नहीं बदलेगा दायरा, रैपिड रेल के पास बसेंगे 4 नमो सिटी
एनसीआर के भविष्य के नियोजन, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए 'रिजनल प्लान-2041' पर गहन चर्चा हुई।

NCR : राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के भविष्य की रूपरेखा तय करने के लिए मंगलवार को विज्ञान भवन में एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई एनसीआर प्लानिंग बोर्ड (NCRPB) की 42वीं बैठक में क्षेत्र के विकास को लेकर कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए।
बैठक में सबसे बड़ा निर्णय यह लिया गया कि एनसीआर के मौजूदा क्षेत्रीय दायरे (बाउंड्री) में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही, दिल्ली-एनसीआर में यातायात और शहरीकरण को नई दिशा देने के लिए आरआरटीएस (रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम) के कॉरिडोर के साथ चार नए आधुनिक ग्रीनफील्ड शहर विकसित किए जाएंगे, जिन्हें ‘नमो सिटी’ का नाम दिया गया है।
बैठक के बाद हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने संवाददाताओं से बातचीत में बताया कि एनसीआर के तहत आने वाले चारों राज्य (दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान) अपने-अपने क्षेत्र में एक-एक नए ग्रीनफील्ड शहर (नमो सिटी) के विकास की योजना बोर्ड को भेजेंगे।
नमो सिटी’ पूरी तरह आधुनिक, पर्यावरण-अनुकूल (Eco-friendly) और आत्मनिर्भर शहरी केंद्र के रूप में विकसित किए जाएंगे। इन्हें रैपिड रेल (RRTS) नेटवर्क से जोड़ा जाएगा, जिससे एनसीआर में भीड़भाड़ कम होगी और सस्टेनेबल ग्रोथ को बढ़ावा मिलेगा।
एनसीआर के भविष्य के नियोजन, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए ‘रिजनल प्लान-2041’ पर गहन चर्चा हुई। इस प्लान को अंतिम रूप देने के लिए केंद्र और संबंधित राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों की एक हाई-लेवल सब-कमेटी का गठन किया गया है। यह कमेटी आगामी 15 अगस्त 2026 तक अपनी अंतिम रिपोर्ट बोर्ड को सौंपेगी।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने यह भी जानकारी दी कि एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की अगली बैठक दिसंबर 2026 में हरियाणा के गुरुग्राम में आयोजित की जाएगी। इस बैठक में सब-कमेटी की रिपोर्ट और ‘नमो सिटी’ के प्रस्तावों पर आगे की मुहर लगेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि हरियाणा सरकार एनसीआर के संतुलित और सशक्त विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
इस हाई-प्रोफाइल बैठक में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ए.के. शर्मा और राजस्थान के शहरी स्थानीय निकाय मंत्री झाबर सिंह खर्रा शामिल हुए। इसके अलावा, प्रशासनिक स्तर पर हरियाणा के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव श्रीनिवास कातिकिथाला और सड़क परिवहन मंत्रालय के सचिव वी. उमाशंकर सहित चारों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।