Haryana News : अब हरियाणा में चेयरमैन और वाइस चेयरमैनों को ग्रुप ए अधिकारियों जैसी मिलेगी सुविधाएं, तनख्वाह भी होगी 75,000

Haryana News : हरियाणा सरकार ने अलग-अलग बोर्ड, निगम और अन्य सरकारी निकायों में गैर-सरकारी चेयरमैन, वाइस चेयरमैन और सदस्यों की नियुक्ति के लिए नए नियम लागू किए हैं । सरकार ने इन पदों के लिए चेयरमैन के मानदेय 75 हज़ार रुपए प्रति महीना, वाइस चेयरमैन के लिए 45 हज़ार रुपए प्रति महीना तय कर दिया है ।
सरकार का कहना है कि इससे नियुक्तियों में पारदर्शिता, एकरूपता और कामकाज में स्पष्टता आएगी । मुख्य सचिव कार्यालय की ओर से जारी निर्देशों में 2017 के पुराने नियमों और 2019 व 2021 में किए गए बदलावों को एक साथ जोड़कर नया ढांचा तैयार किया गया है। इससे सभी विभाग एक जैसे नियमों के अनुसार काम कर सकेंगे।
कितना मिलेगा मानदेय
सरकार के नए नियमों के तहत चेयरमैन / चेयरपर्सन को अधिकतम 75 हजार रुपये प्रति माह, वाइस चेयरपर्सन / उपाध्यक्ष को अधिकतम 45 हजार रुपये प्रति माह, नियमित जिम्मेदारी निभाने वाले सदस्यों को 30 हजार रुपये प्रति माह मानदेय के रूप में दिए जा सकेंगे ।
मकान किराया और दूसरी सुविधाएं भी मिलेंगी
सरकार ने नए नियमों में कई अन्य सुविधाएं भी जोड़ी हैं । इनमें मकान किराया भत्ता (HRA), टेलीफोन और मोबाइल सुविधा, यात्रा भत्ता (TA), दैनिक भत्ता (DA), चिकित्सा सुविधा, स्टाफ कार और चालक शामिल हैं । चेयरमैन को अधिकतम 50 हजार रुपये प्रति माह तक मकान किराया भत्ता मिलेगा, जबकि वाइस चेयरमैन को 45 हजार रुपये प्रति माह तक HRA दिया जा सकेगा।
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ग्रुप-ए अधिकारियों जैसी सुविधाएं
नए नियमों के अनुसार चेयरमैन और वाइस चेयरमैन को कई मामलों में ग्रुप-ए अधिकारियों के बराबर सुविधाएं मिलेंगी। यात्रा, चिकित्सा और टेलीफोन की सुविधा भी इसी श्रेणी के अनुसार मिलेगी ।इसके अलावा उन्हें स्टाफ कार और ड्राइवर भी उपलब्ध कराया जाएगा। अगर कोई अधिकारी निजी वाहन इस्तेमाल करता है तो तय नियमों के अनुसार रोड माइलेज भत्ता भी मिलेगा।
स्टाफ रखने की सुविधा भी मिलेगी
चेयरमैन और वाइस चेयरमैन को निजी सचिव, व्यक्तिगत सहायक, क्लर्क, चपरासी और होम पियून जैसी सुविधाएं भी दी जा सकेंगी । यह स्टाफ कॉन्ट्रैक्ट आधार पर रखा जाएगा और संबंधित पदाधिकारी का कार्यकाल खत्म होने पर उनका कार्यकाल भी समाप्त हो जाएगा।
मुख्यमंत्री अध्यक्ष होने पर अलग व्यवस्था
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी निकाय में मुख्यमंत्री अध्यक्ष बनाए जाते हैं, तो वहां उपाध्यक्ष को चेयरमैन स्तर की सुविधाएं दी जाएंगी । सरकार ने साफ किया है कि जहां पहले से विशेष नियम लागू नहीं हैं, वहां यही नए नियम लागू होंगे। साथ ही इन नियमों में किसी प्रकार की छूट देने पर विचार नहीं किया जाएगा।