मोबाइल ऐप से कंट्रोल होंगी Gurugram की स्ट्रीट लाइटें, नगर निगम ने तैयार किया प्लान
नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में गुरुग्राम में कुल 1.25 लाख स्ट्रीट लाइटें हैं।

Gurugram : साइबर सिटी गुरुग्राम को वास्तव में ‘स्मार्ट’ बनाने की दिशा में नगर निगम (MCG) ने एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। अब शहर की गलियों और सड़कों पर अंधेरा होने की समस्या गुजरे जमाने की बात हो जाएगी। नगर निगम ने शहर की करीब 25 हजार स्ट्रीट लाइटों को सीधे मोबाइल ऐप से नियंत्रित करने की योजना तैयार की है। इस तकनीक के लागू होने से न केवल बिजली की बचत होगी, बल्कि खराब लाइटों को ठीक करने में लगने वाला समय भी कम हो जाएगा।
नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में गुरुग्राम में कुल 1.25 लाख स्ट्रीट लाइटें हैं। इनमें से 25 हजार लाइटें ऐसी हैं जो बिना खंभों (पोल) के लोगों के घरों की दीवारों, ग्रिल या बिजली के खंभों पर लगी हुई हैं। इन लाइटों को चालू और बंद करने में निगम कर्मचारियों को काफी मशक्कत करनी पड़ती थी। अब इन सभी लाइटों पर आधुनिक ऐप कंट्रोलर सिस्टम लगाया जा रहा है।
इस सिस्टम की मदद से अधिकारी अपने मोबाइल फोन से ही एक साथ सैकड़ों लाइटों को ऑन या ऑफ कर सकेंगे। इससे दिन के उजाले में बेवजह जलती रहने वाली लाइटों पर अंकुश लगेगा, जिससे निगम को करोड़ों रुपये के बिजली बिल की बचत होगी।
इस नई तकनीक की सबसे बड़ी खासियत इसका ‘रियल-टाइम अलर्ट’ सिस्टम है। यदि किसी क्षेत्र की स्ट्रीट लाइट खराब होती है या समय पर चालू नहीं होती है, तो उसका नोटिफिकेशन तुरंत संबंधित अधिकारी और तकनीकी टीम के मोबाइल ऐप पर पहुंच जाएगा। ऐप के जरिए टीम को लाइट की सटीक लोकेशन मिल जाएगी। अब शिकायतों का इंतजार करने के बजाय, निगम की टीम खुद खराबी का पता लगाकर उसे दुरुस्त कर सकेगी।
निगम की योजना के मुताबिक, कुल 1.25 लाख लाइटों में से 1 लाख लाइटों को ‘केंद्रीकृत नियंत्रण और निगरानी प्रणाली’ (CCMS) पैनल के जरिए जोड़ा जाएगा। शुरुआती चरण में शहर की 50 फीसदी लाइटों को इस पैनल के दायरे में लाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद बाकी लाइटों को भी इसी स्मार्ट सिस्टम से जोड़ दिया जाएगा।
नगर निगम गुरुग्राम के मुख्य अभियंता विजय ढाका ने बताया कि बिना पोल के लगी लाइटों के संचालन में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए यह योजना मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा हमारा उद्देश्य तकनीक का उपयोग कर नागरिकों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करना और संसाधनों की बर्बादी को रोकना है।
इस कदम से गुरुग्राम न केवल तकनीक के मामले में आगे बढ़ेगा, बल्कि रात के समय सड़कों पर बेहतर रोशनी होने से अपराधों पर अंकुश लगाने में भी मदद मिलेगी।