Good News : GMDA ने तैयार किया सेक्टर 51-52 के लिए मास्टर प्लान, इस तारीख से शुरू होगा काम
मानसून के दौरान होने वाले जलभराव को रोकने के लिए सड़क के दोनों ओर नई ड्रेनेज लाइन बिछाई जाएगी।

Good News : साइबर सिटी के बुनियादी ढांचे को विश्व स्तरीय बनाने की दिशा में गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) ने एक बड़ा कदम उठाया है। जीएमडीए ने सेक्टर 51 और 52 के बीच स्थित मुख्य सड़क को ‘मॉडल रोड’ के रूप में विकसित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
लगभग 9 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के लिए टेंडर प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इस सड़क के बनने से वजीराबाद, कन्हाई और आसपास के सोसायटियों में रहने वाले हजारों लोगों को जर्जर रास्तों और जलभराव की समस्या से हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी।
जीएमडीए के अधिकारियों के अनुसार, इस सड़क को केवल मरम्मत तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे पूरी तरह से ‘री-डिजाइन’ किया जा रहा है। सड़क के निर्माण में उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री का उपयोग होगा ताकि भारी यातायात का दबाव झेल सके।
मानसून के दौरान होने वाले जलभराव को रोकने के लिए सड़क के दोनों ओर नई ड्रेनेज लाइन बिछाई जाएगी। पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित फुटपाथ और सड़क के बीच में ग्रीन बेल्ट (सौंदर्यीकरण) का प्रावधान किया गया है। पूरी सड़क पर आधुनिक एलईडी लाइट्स लगाई जाएंगी ताकि रात के समय वाहन चालकों को कोई असुविधा न हो।
सेक्टर 51 और 52 के डिवाइडिंग रोड की हालत पिछले काफी समय से खराब थी। गड्ढों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती थीं। इस मॉडल रोड के बनने से वजीराबाद और कन्हाई गाँव के निवासियों को शहर के अन्य हिस्सों से जुड़ने में आसानी होगी। सेक्टर 51, 52 और आसपास की हाई-राइज सोसायटियों के हजारों फ्लैट मालिकों का सफर सुगम होगा। आर्टेमिस अस्पताल और आसपास के प्रमुख व्यावसायिक केंद्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
जीएमडीए ने टेंडर की शर्तों में स्पष्ट किया है कि कार्य आवंटन के बाद ठेकेदार को 6 महीने के भीतर इस मॉडल रोड का निर्माण कार्य पूरा करना होगा। प्राधिकरण के एक वरिष्ठ अभियंता ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा बुनियादी ढांचे को सुधारने के निर्देशों के बाद इस सड़क को प्राथमिकता सूची में रखा गया था।
टेंडर खुलने के साथ ही अगले कुछ हफ्तों में धरातल पर काम शुरू होने की उम्मीद है। वर्तमान में कच्ची और टूटी सड़क के कारण उड़ने वाली धूल से स्थानीय लोग परेशान हैं। मॉडल रोड बनने के बाद डस्ट पॉल्यूशन में कमी आएगी और व्यवस्थित ट्रैफिक लेन की वजह से पीक आवर्स में लगने वाले जाम से भी राहत मिलेगी।