Gurugram News : 60 साल पहले बनाई सड़क PWD के लिए बनी जंजाल, अब करोड़ो रुपए का देना होगा मुआवज़ा

Gurugram News : गुरुग्राम में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है । PWD विभाग द्वारा 60 साल पहले बनाई गई सड़क का हर्जाना अब भारी नुकसान के साथ भुगतना पड़ेगा । कोर्ट ने विभाग को फटकार लगाते हुए आदेश दिया है कि जिस जमीन पर सड़क बनाई गई उस जमीन के मालिक को मुआवजे के साथ 60 सालों का ब्याज भी देना होगा । 60 साल पहले PWD विभाग ने बिना जमीन अधिग्रहण किए किसान की जमीन पर सड़क बना दी थी ।
60 साल पहले बनाई सड़क, अब भरना पड़ेगा जुर्माना
दरअसल PWD विभाग ने 60 साल पहले एक छोटी सी गलती की और आज 60 साल बाद उसका खामियाजा करोड़ों रुपए का भुगतान करके भुगतना पड़ेगा । साल 1966 में PWD विभाग ने फर्रुखनगर से चंदू धनकोट रुट पर एक छोटी सी सड़क बनाई थी लेकिन विभाग को क्या पता था कि एक छोटी सी चूक 60 साल बाद विभाग पर भारी पड़ जाएगी ।
60 साल पहले 1966 में PWD ने चंदू के पास बिना जमीन अधिग्रहण किए और बिना किसी नोटिस के किसान की जमीन पर सड़क बना दी और ना ही किसान को कोई मुआवजा दिया गया । इसी को लेकर जमीन के मालिक ने कोर्ट में केस दायर कर दिया जिसमें कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा है कि लोक निर्माण विभाग को अब जमीन के मालिक को उचित मुआवजे के साथ 60 साल का 12 प्रतिशत के हिसाब से ब्याज भी देना होगा । (Gurugram News)
क्या है पूरा मामला ?
मामला गुरुग्राम के बसई निवासी जगत सिंह, जगरोशनी देवी और जयसिंह ने दायर किया । वादियों ने बताया कि उनकी जमीन खसरा नंबर 72 (कुल 1 कनाल 11 मरला हिस्सेदारी) गांव खेड़की माजरा, धनकोट में स्थित है। जिस पर पीडब्ल्यूडी ने बिना अधिग्रहण और बिना किसी नोटिस के वर्ष 1966 में गुरुग्राम-चंदू-फर्रुखनगर सड़क बना दी । तब से विभाग कब्जे में है । आसपास के किसानों को इसी सड़क निर्माण में मुआवजा दिया गया था ।
पीडब्ल्यूडी ने जवाब दिया कि सड़क 1966 में ग्रामीणों की सहमति से बनी थी । किसी प्रकार का जबरन कब्जा नहीं किया गया । अदालत में विभाग की उपमंडल अभियंता दीपा मोहन ने स्वीकार किया कि उनके पास भूमि अधिग्रहण या दान से संबंधित कोई दस्तावेज नहीं है । न ही कोई गिफ्ट डीड, एग्रीमेंट या बिक्री दस्तावेज मौजूद है । (Gurugram News)
अदालत ने पाया कि विभाग ने न तो भूमि अधिग्रहण का रिकॉर्ड पेश किया और न ही मुआवजा भुगतान का कोई प्रमाण दिया। वादी पक्ष के अधिवक्ता गगन प्रकाश ने जमाबंदी रिकार्ड, कानूनी नोटिस और पूर्व न्यायिक आदेशों का सहारा लिया। जिससे उनकी जमीन पर अधिकार सिद्ध हुआ ।
अदालत ने कहा कि वादियों ने भूमि का कब्जा वापस देने की मांग भले की हो । लेकिन चूंकि सड़क सार्वजनिक उपयोग में है । इसलिए न्यायोचित समाधान मुआवजा देना ही है । अदालत ने आदेश दिया कि वादियों को भूमि अधिग्रहण अधिनियम 1894 के प्रावधानों तथा संशोधनों के अनुसार पूरा मुआवजा और सभी वैधानिक लाभ दिए जाएं। 12 प्रतिशत अतिरिक्त वार्षिक राशि देने की मांग पर अदालत ने कहा कि साधारण मुआवजा ही पर्याप्त होगा । (Gurugram News)
पहले भी PWD करा चुका है किरकिरी
गुरुग्राम फरुखनगर सड़क निर्माण को लेकर पहले भी लोक निर्माण विभाग विवादों में रहा है। कई किसानों ने बिना भूमि अधिग्रहण किए लोक निर्माण विभाग के विरुद्ध अदालत का दरवाजा खटखटाया है। इससे पहले लोक निर्माण विभाग कई मामलों में अदालत में हार का सामना कर चुका है। मुआवजा न देने की स्थिति में कई बार कार्यकारी अभियंता लोक निर्माण विभाग के कार्यालय को सील भी किया जा चुका है।