Gurugram में शराबियों की बल्ले-बल्ले! सड़कों के बीचों-बीच खड़े बिजली के खंभे हटेंगे
नशे में अब नहीं होगा 'एक्सीडेंट', बिजली बोर्ड के MD ने लिया बड़ा फैसला

Gurugram\गुरुग्राम, 6 जनवरी 2026
अक्सर देखा जाता है कि रात के अंधेरे में शराब के नशे में धुत शराबी अपनी धुन में गाड़ी चलाते हुए सड़क के बीचों-बीच खड़े बिजली के खंभों को नहीं देख पाते। नतीजा यह होता है कि वे सीधे खंभे से जा टकराते हैं और गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं। ऐसे में अब नशेड़ियों और आम वाहन चालकों के लिए राहत की बड़ी खबर आई है। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) के प्रबंध निदेशक विक्रम सिंह ने सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक क्रांतिकारी फैसला लिया है।बिजली निगम ने अब उन तमाम खतरनाक खंभों को उखाड़ने के निर्देश जारी किए हैं जो नई सड़कों के बनने या सड़क चौड़ीकरण के कारण बीच रास्ते की बाधा बन गए हैं।

अब यमदूत बनकर नहीं खड़े रहेंगे खंभे
निगम के प्रवक्ता ने बताया कि कई बार सड़क चौड़ी होने के बाद बिजली के खंभे मुख्य मार्ग के बीच में ही रह जाते हैं। रात के समय या घने कोहरे में ये खंभे किसी ‘यमदूत’ से कम नहीं लगते, जिनसे टकराकर आए दिन हादसे होते रहते हैं। इतना ही नहीं, बार-बार सड़क पर डामर बिछने से सड़क की ऊंचाई बढ़ गई है और बिजली की तारें नीचे लटकने लगी हैं। अब इन लटकती लाइनों और बीच सड़क खड़े खंभों का सफाया किया जाएगा।
एसडीओ (SDO) की जवाबदेही तय: जेब से नहीं, बिल से वसूलेंगे पैसा
जनसुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए अब बिजली बोर्ड ने सख्त रुख अपनाया है:
15 दिन का अल्टीमेटम: संबंधित विभाग (जैसे NHAI, पीडब्ल्यूडी, नगर निगम) को खंभे हटाने की लागत जमा करने के लिए 15 दिन का नोटिस दिया जाएगा।
बिजली बिल में जुड़कर आएगा खर्च: यदि संबंधित विभाग 15 दिन में पैसा जमा नहीं करता है, तो 5 लाख रुपये तक के काम एसडीओ (SDO) तुरंत अपने स्तर पर करवाएंगे। खास बात यह है कि इस काम का खर्च उस विभाग के बिजली बिल में जोड़कर वसूल किया जाएगा।
बड़े प्रोजेक्ट्स पर नजर: 5 लाख से अधिक के कामों के लिए कार्यकारी अभियंता (XEN) नोडल अधिकारी होंगे और विभागों से तालमेल बिठाकर काम पूरा कराएंगे।
डिजिटल निगरानी: फोटो और वीडियो भी जरूरी
काम में कोई ढिलाई न हो, इसके लिए नई तकनीक का सहारा लिया जाएगा। खंभा हटाने से पहले और बाद की फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी और जियो-लोकेशन का रिकॉर्ड रखना अनिवार्य होगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि कागजों में नहीं, बल्कि हकीकत में सड़क से बाधा दूर हुई है।
बिजली निगम के इन नए दिशा-निर्देशों के बाद अब उम्मीद है कि गुरुग्राम और आसपास की सड़कों पर नशे की हालत में झूमने वाले हों या कोहरे में चलने वाले मुसाफिर, सभी की राह अब सुरक्षित और आसान होगी।













