Delhi NCR में तुरंत प्रभाव से GRAP Stage II लागू, पार्किंग चार्ज बढ़ेंगे, सरकारी कार्यालयों का बदलेगा टाइम टेबल

GRAP Stage II – दिल्ली-NCR में लगातार बढ़ते वायु प्रदूषण के बीच वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के दूसरे चरण यानी GRAP-2 को लागू करने का आदेश जारी किया है। 2 नवंबर 2026 को जारी आदेश के मुताबिक, दिल्ली-NCR के पूरे क्षेत्र में तत्काल प्रभाव से GRAP-2 के तहत निर्धारित सभी उपाय लागू किए जाएंगे। इसके साथ ही पहले चरण (GRAP-1) के प्रतिबंध भी जारी रहेंगे।

CAQM के आदेश के अनुसार, दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 31 अक्टूबर को 117 यानी मॉडरेट श्रेणी में था। इसके बाद 1 नवंबर को AQI बढ़कर 261 यानी खराब श्रेणी में पहुंच गया। वहीं, 2 नवंबर को AQI 324 दर्ज किया गया, जो बेहद खराब श्रेणी में आता है। मौसम संबंधी प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण प्रदूषण में तेजी से वृद्धि हुई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और IITM के पूर्वानुमान में आने वाले दिनों में भी वायु गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में बने रहने की आशंका जताई गई है।

GRAP STAGE II

आयोग ने स्थिति की समीक्षा के बाद पूरे NCR में GRAP-2 लागू करने का फैसला लिया है। आदेश के तहत गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद, नोएडा समेत NCR के सभी संबंधित क्षेत्रों में प्रदूषण नियंत्रण के उपाय तेज किए जाएंगे।

GRAP-2 लागू होने पर गुरुग्राम में क्या-क्या बदलाव होंगे ?

 

1. सड़कों की रोजाना मैकेनिकल सफाई

प्रदूषण को कम करने के लिए चिन्हित सड़कों पर मैकेनिकल और वैक्यूम स्वीपिंग की जाएगी। इसके साथ ही पानी का छिड़काव भी किया जाएगा। आदेश में इन गतिविधियों को प्राथमिकता से रात या सुबह के समय करने की बात कही गई है । सड़कों पर जमा धूल को हटाने के लिए मशीनों की संख्या और उनके संचालन के घंटे बढ़ाए जाएंगे। एकत्रित धूल का निस्तारण निर्धारित स्थानों पर किया जाएगा।

2. व्यस्त सड़कों पर पानी और डस्ट सप्रेसेंट का छिड़काव

यातायात के अधिक दबाव वाले मार्गों, जाम वाले चौराहों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर पीक ट्रैफिक समय से पहले पानी के साथ डस्ट सप्रेसेंट का छिड़काव किया जाएगा । इसका उद्देश्य सड़कों से उड़ने वाली धूल को नियंत्रित करना है।

3. निर्माण स्थलों पर बढ़ेगी निगरानी

निर्माण और तोड़फोड़ (C&D) गतिविधियों में धूल नियंत्रण के उपायों की जांच तेज की जाएगी। संबंधित एजेंसियों को निर्माण स्थलों पर धूल रोकने के निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना होगा । निर्माण सामग्री और मलबे को ढककर रखना, परिवहन के दौरान सामग्री को ढकना और धूल नियंत्रण के उपाय अपनाना GRAP-1 के तहत भी अनिवार्य है ।

4. हॉटस्पॉट क्षेत्रों में विशेष अभियान

दिल्ली-NCR के चिन्हित प्रदूषण हॉटस्पॉट क्षेत्रों में प्रदूषण कम करने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएंगे । प्रत्येक हॉटस्पॉट में प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों की पहचान कर उनके खिलाफ सुधारात्मक कदम तेज किए जाएंगे ।

5. निजी वाहनों के इस्तेमाल को हतोत्साहित करने के लिए पार्किंग शुल्क बढ़ेगा

GRAP-2 के तहत निजी वाहनों के इस्तेमाल को कम करने के लिए पार्किंग शुल्क बढ़ाने का प्रावधान किया गया है । CAQM ने NCR के शहरी निकायों को पार्किंग शुल्क बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य निजी वाहनों की संख्या कम करना और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना है । हालांकि, आदेश में पार्किंग शुल्क की कोई निश्चित नई दर निर्धारित नहीं की गई है। संबंधित नगर निकायों द्वारा इस संबंध में निर्णय लिया जाएगा।

6. सरकारी कार्यालयों के समय में बदलाव

GRAP-2 के तहत दिल्ली सरकार और NCR के राज्य सरकारों को सरकारी कार्यालयों तथा नगर निकायों के कामकाज के समय में बदलाव करने के निर्देश दिए गए हैं । यह व्यवस्था विशेष रूप से गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर जिलों के लिए निर्धारित की गई है, ताकि कार्यालयों के समय में अंतर करके यातायात का दबाव कम किया जा सके । अन्य NCR क्षेत्रों में भी राज्य सरकारें इस तरह का निर्णय ले सकती हैं । वहीं, दिल्ली-NCR में केंद्र सरकार के कार्यालयों के समय में बदलाव का फैसला केंद्र सरकार ले सकती है।

7. RWA को कर्मचारियों के लिए इलेक्ट्रिक हीटर उपलब्ध कराने होंगे

सर्दियों में प्रदूषण बढ़ने का एक प्रमुख कारण खुले में कचरा और बायोमास जलाना भी है । CAQM के आदेश के अनुसार, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) को सुरक्षा, सफाई, बागवानी और अन्य सेवाओं में लगे कर्मचारियों के लिए बिजली की सुविधा वाले इलेक्ट्रिक हीटर उपलब्ध कराने होंगे । इसका उद्देश्य सर्दी से बचने के लिए खुले में कचरा, लकड़ी या अन्य बायोमास जलाने की घटनाओं को रोकना है।

8. वर्क फ्रॉम होम को प्रोत्साहित करने की सलाह

GRAP-2 के तहत नागरिकों को सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने और निजी वाहनों का कम से कम उपयोग करने की सलाह दी गई है । आदेश के नागरिक चार्टर में कहा गया है कि जिन लोगों की नौकरी और कार्य की प्रकृति इसकी अनुमति देती है, वे घर से काम (वर्क फ्रॉम होम) कर सकते हैं । हालांकि, CAQM के इस आदेश में सभी निजी कंपनियों के लिए वर्क फ्रॉम होम अनिवार्य नहीं किया गया है।

GRAP-1 के प्रतिबंध भी रहेंगे लागू

GRAP-2 लागू होने के साथ पहले चरण के उपाय भी जारी रहेंगे। इनमें प्रमुख रूप से निम्नलिखित प्रतिबंध और नियंत्रण उपाय शामिल हैं:

खुले में कचरा, बायोमास और अन्य अपशिष्ट जलाने पर रोक।

प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और PUC नियमों का पालन।

निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के उपायों की निगरानी।

पुराने पेट्रोल और डीजल वाहनों पर लागू कानूनी प्रतिबंधों का पालन।

डीजल जनरेटर सेट का नियमित बिजली आपूर्ति के विकल्प के रूप में इस्तेमाल नहीं।

डीजल जनरेटर सेट के संचालन पर निर्धारित उत्सर्जन मानकों के अनुसार नियंत्रण।

होटल, रेस्टोरेंट और खुले भोजनालयों में तंदूर के लिए कोयला और लकड़ी के इस्तेमाल पर लागू प्रतिबंध का पालन।

औद्योगिक इकाइयों, ईंट भट्ठों और हॉट मिक्स प्लांट में प्रदूषण नियंत्रण मानकों की जांच।

आदेश के मुताबिक, दिल्ली-NCR में इंटरसिटी और इंटरस्टेट बसों के संचालन पर भी निर्धारित नियम लागू रहेंगे। संबंधित राज्यों से दिल्ली-NCR में आने वाली बसों के लिए EV, CNG और BS-VI डीजल बसों की निर्धारित श्रेणियों का पालन करना होगा।

लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?

CAQM ने नागरिकों के लिए जारी चार्टर में प्रदूषण कम करने के लिए कई सुझाव दिए हैं।

निजी वाहनों की जगह सार्वजनिक परिवहन और कार पूलिंग का इस्तेमाल करें।

वाहनों के इंजन की नियमित जांच और सर्विसिंग कराएं।

वाहन का PUC प्रमाणपत्र वैध रखें।

ट्रैफिक सिग्नल पर वाहन का इंजन बंद रखें।

खुले स्थानों पर कचरा या बायोमास न जलाएं।

निर्माण कार्यों से निकलने वाली धूल को नियंत्रित करें।

प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों की शिकायत संबंधित ऐप या अधिकारियों से करें।

जिन लोगों के लिए संभव हो, वे घर से काम करने को प्राथमिकता दें।

आगे प्रदूषण की स्थिति पर नजर रखेगा CAQM

CAQM के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि GRAP के पहले और दूसरे चरण के उपायों को पूरे NCR में सख्ती से लागू किया जाएगा। संबंधित एजेंसियों को निगरानी बढ़ाने और प्रदूषण नियंत्रण के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।

आयोग वायु गुणवत्ता की स्थिति और IMD/IITM के पूर्वानुमान की लगातार समीक्षा करेगा। प्रदूषण की स्थिति के आधार पर आगे आवश्यक निर्णय लिए जा सकते हैं।

Sunil Yadav

सुनील यादव पिछले लगभग 15 वर्षों से गुरुग्राम की पत्रकारिता में सक्रिय एक अनुभवी और विश्वसनीय पत्रकार हैं। उन्होंने कई बड़े नेशनल न्यूज़ चैनलों में ( India Tv, Times Now,… More »
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