Good News : उद्योग विहार में खत्म होगी पार्किंग की टेंशन, 50 करोड़ के मेगा प्रोजेक्ट को मिली मंजूरी
डीएलएफ फेज-4 बिहारी मंडी के पास डेढ़ एकड़ जमीन पर होगा निर्माण; एचएसआईआईडीसी को मिली उच्चाधिकारियों से मंजूरी, जल्द शुरू होगा काम

Good News : लंबे समय से पार्किंग की भारी किल्लत और जाम की समस्या से जूझ रहे उद्योग विहार के उद्यमियों और नौकरीपेशा लोगों के लिए राहत भरी खबर है। हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (HSIIDC) ने उद्योग विहार में एक आधुनिक मल्टीलेवल पार्किंग बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। करीब 50 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस पार्किंग में एक साथ 500 गाड़ियां खड़ी हो सकेंगी। इससे उद्योग विहार की करीब 3000 औद्योगिक और व्यावसायिक इकाइयों को सीधा फायदा मिलेगा।
एचएसआईआईडीसी के अधिकारियों के मुताबिक, इस मल्टीलेवल पार्किंग का निर्माण डीएलएफ फेज-4 स्थित बिहारी मंडी के पास खाली पड़ी करीब डेढ़ एकड़ जमीन पर किया जाएगा। जगह को चिन्हित कर इसका विस्तृत प्रस्ताव उच्चाधिकारियों के पास भेजा गया था, जिसे प्रशासनिक हरी झंडी मिल गई है। अब जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू कर धरातल पर काम शुरू करा दिया जाएगा।
दिल्ली बॉर्डर और नेशनल हाईवे-48 से सटे उद्योग विहार (फेज-1 से फेज-5 तक) की बसावट साल 1970 से 1980 के बीच की है। उस समय गाड़ियां बेहद कम हुआ करती थीं, लेकिन आज यहाँ हजारों की संख्या में गाड़ियां रोज आती हैं।
इलाके में कोई कॉमन पार्किंग व्यवस्था न होने के कारण उद्यमियों, कर्मचारियों और यहाँ आने वाले आगंतुकों (विजिटर्स) को अपनी गाड़ियां मजबूरन सड़कों के किनारे खड़ी करनी पड़ती हैं, जिससे दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है।
हालांकि, कुछ नए कमर्शियल भवनों में अंडरग्राउंड पार्किंग बनाई गई है, लेकिन उनमें केवल संबंधित बिल्डिंग के लोग ही गाड़ियां पार्क कर सकते हैं। आम लोगों या अन्य उद्यमियों के लिए वहाँ कोई जगह नहीं होती।
उद्योग विहार मल्टीलेवल पार्किंग:
| मुख्य बिंदु | विवरण |
| प्रोजेक्ट की कुल लागत | लगभग 50 करोड़ रुपये |
| वाहन क्षमता | 500 गाड़ियां (मल्टीलेवल) |
| प्रोजेक्ट का स्थान | बिहारी मंडी के पास, डीएलएफ फेज-4 (उद्योग विहार) |
| आवृत भूमि | डेढ़ (1.5) एकड़ खाली जमीन |
| लाभान्वित इकाइयां | उद्योग विहार की करीब 3000 औद्योगिक व कमर्शियल यूनिट्स |
इस फैसले का उद्योग विहार के उद्योग संगठनों ने स्वागत तो किया है, लेकिन साथ ही इसे नाकाफी भी बताया है। उद्योग विहार का दायरा फेज-1 से फेज-5 तक फैला हुआ है। इसलिए प्रशासन को हर फेज में कम से कम एक छोटी या मल्टीलेवल पार्किंग की सुविधा विकसित करनी चाहिए ताकि उद्यमियों को अपनी फैक्ट्रियों के पास ही पार्किंग मिल सके।
एचएसआईआईडीसी डीजीएम अरुण गर्ग ने बताया किउद्योग विहार में मल्टीलेवल पार्किंग का प्रपोजल पास हो चुका है। जल्द ही फेज-4 स्थित बिहारी मंडी क्षेत्र की डेढ़ एकड़ जमीन पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। 70 और 80 के दशक के मुकाबले अब वाहनों की संख्या काफी बढ़ चुकी है। इस मल्टीलेवल पार्किंग के बनने से उद्यमियों और यहां आने वाले लोगों की पार्किंग की समस्या काफी हद तक हल हो जाएगी। (Good News)