Good News : गांवों में ही मिलेगा शहरों जैसा इलाज, फर्रुखनगर में महिलाओं को मिलेंगी हाईटेक सुविधाएं
चंडीगढ़ में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव तथा मेदांता फाउंडेशन के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक डॉ. नरेश त्रेहन ने इस एमओयू को एक्सचेंज किया।

Good News : हरियाणा में स्वास्थ्य सेवाओं, विशेषकर ग्रामीण और दूर-दराज के क्षेत्रों में महिलाओं और बच्चों की चिकित्सा व्यवस्था को विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग ने महेंद्रगढ़ जिले के अटेली स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) के अपग्रेडेशन और संचालन को मजबूत करने के लिए ‘मेदांता फाउंडेशन – पुअर एंड नीडी पेशेंट्स वेलफेयर ट्रस्ट’ के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।
चंडीगढ़ में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव तथा मेदांता फाउंडेशन के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक डॉ. नरेश त्रेहन ने इस एमओयू को एक्सचेंज किया। (Good News)
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने इस समझौते को प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा यह सहयोग सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP Model) के माध्यम से दूर-दराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे और स्वास्थ्य परिणामों को बेहतर बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस पहल से क्षेत्र में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संकेतकों (Maternal and Child Health Indicators) में उल्लेखनीय सुधार होगा और लोगों को अपने घर के नजदीक ही बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।”
तीन चरणों में होगा अस्पतालों का कायाकल्प
प्रथम चरण में अटेली के स्वास्थ्य केंद्र को 50 बिस्तरों वाले उप-मंडल अस्पताल (Sub-Divisional Hospital) के रूप में अपग्रेड किया जाएगा। द्वितीय चरण में रेवाड़ी के मीरपुर में स्वास्थ्य सेवाओं का सुधार किया जाएगा। तृतीय चरण में गुरुग्राम के फर्रुखनगर में भी इसी तरह के अपग्रेडेशन कार्य किए जाएंगे।
मेदांता फाउंडेशन के चेयरमैन डॉ. नरेश त्रेहन ने बताया कि इस समझौते के तहत फाउंडेशन अटेली में बुनियादी ढांचे और तकनीकी उपकरणों को मजबूत करने के लिए पूरी तरह समर्पित है। इसके तहत निम्नलिखित सुविधाएं विकसित की जाएंगी। जटिल प्रसव के मामलों से निपटने के लिए आधुनिक ओटी की स्थापना। प्रसूति कक्ष को आधुनिक और संक्रमण-मुक्त बनाया जाएगा। गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच के लिए उन्नत मशीनें लगाई जाएंगी। महिलाओं में खून की कमी (एनीमिया) की पहचान और उपचार के लिए विशेष क्लिनिक।
स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने योजना के व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी देते हुए बताया कि मेदांता फाउंडेशन एक स्वीकृत सेवा प्रदाता के माध्यम से विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित करेगा। अब स्थानीय स्तर पर ही मरीजों को ये सेवाएं मिलेंगी। स्त्री रोग विशेषज्ञ (Gynecologist), बाल रोग विशेषज्ञ (Pediatrician), एनेस्थेटिस्ट और रेडियोलॉजिस्ट हर समय उपलब्ध रहेंगे। महिलाओं के लिए स्तन और गर्भाशय के कैंसर की मुफ्त या रियायती दरों पर जांच। समय से पहले जन्मे (Preterm) और कम वजन के नवजात शिशुओं के लिए विशेष देखभाल सुविधा। प्रिवेंटिव और क्यूरेटिव OPD सेवाएं, पॉइंट-ऑफ-केयर डायग्नोस्टिक टेस्टिंग, एम्बुलेंस सहायता और गांवों में नियमित स्वास्थ्य शिविर। (Good News)
3 साल के लिए हुआ समझौता, दोनों पक्षों की तय हुई जिम्मेदारी
यह एमओयू शुरुआती तौर पर तीन साल की अवधि के लिए किया गया है, जिसे बाद में आपसी सहमति से आगे बढ़ाया जा सकता है। इस व्यवस्था के तहत दोनों पक्षों की जिम्मेदारियां इस प्रकार तय की गई हैं।
| विभाग/संस्था | जिम्मेदारी और योगदान |
| हरियाणा स्वास्थ्य विभाग | आवश्यक बुनियादी ढांचा (भवन), बिजली-पानी जैसी उपयोगिताएं, दवाएं, प्रयोगशाला सहायता और डायग्नोस्टिक सपोर्ट प्रदान करना। |
| मेदांता फाउंडेशन | तकनीकी विशेषज्ञता, आधुनिक उपकरण, डॉक्टरों व स्टाफ का क्षमता निर्माण (Capacity Building) और विशेषज्ञ चिकित्सा जनशक्ति की व्यवस्था करना। |