Gold Price 28 नवंबर 2025, सोना-चांदी: 28 नवंबर 2025 को बाज़ार का रुख

अंतर्राष्ट्रीय संकेतों के बीच सर्राफा बाज़ार में अस्थिरता का माहौल,

Gold Price शुक्रवार, 28 नवंबर 2025 को भारतीय सर्राफा बाजार में सोने के भाव में जहाँ हल्की नरमी देखने को मिली, वहीं चांदी की कीमतों ने मजबूत बढ़त बनाए रखी है। यह अस्थिरता मुख्य रूप से अंतर्राष्ट्रीय बाजार से आ रहे मिश्रित संकेतों और सप्ताहांत (Weekend) से पहले निवेशकों द्वारा मुनाफ़ा वसूली (Profit Booking) के कारण है।

अंतर्राष्ट्रीय हाजिर बाजार में सोना अपने रिकॉर्ड स्तर के आसपास मंडरा रहा है, जिसका मुख्य कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा आगामी महीनों में ब्याज दरों में कटौती की मजबूत उम्मीदें हैं। इस उम्मीद के कारण अमेरिकी डॉलर कमजोर हुआ है, जिससे सोने को बल मिला है।

📊 आज के सोने और चांदी के भाव (28 नवंबर 2025)

भारतीय बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) और प्रमुख बाजार स्रोतों के अनुसार, सोने और चांदी के भाव प्रति 10 ग्राम/किलोग्राम इस प्रकार हैं:

धातुशुद्धता (कैरेट)आज का भाव (प्रति 10 ग्राम)कल के मुकाबले बदलाव (₹)
सोना24 कैरेट (999) ₹1,27,740 (रेंज)मामूली बदलाव
सोना22 कैरेट₹1,17,090 (रेंज)मामूली बदलाव
सोना18 कैरेट₹95,800 (रेंज)मामूली बदलाव
चांदी999 शुद्धता (प्रति किलोग्राम)₹1,77,697 (रेंज)स्थिरता

ध्यान दें: ये दरें सांकेतिक हैं और इनमें GST, TCS और मेकिंग चार्ज शामिल नहीं हैं। शहर और ज्वैलर के आधार पर इनमें अंतर हो सकता है।

📈 आने वाले दिनों में तेज़ी या मंदी? (भविष्य का विश्लेषण)

सोने और चांदी के बाजार में आने वाले दिनों में तेज़ी (Bullish Trend) बने रहने की संभावना अधिक है, हालांकि यह कुछ महत्वपूर्ण वैश्विक और घरेलू कारकों पर निर्भर करेगा:

1. अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति (US Fed Rate Cut Expectations):

  • तेज़ी का कारण: बाजार में यह उम्मीद बढ़ रही है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व दिसंबर में ब्याज दरों में कटौती कर सकता है। जब ब्याज दरें गिरती हैं, तो डॉलर कमजोर होता है, जिससे सोना (जिसे डॉलर में ट्रेड किया जाता है) अन्य मुद्राओं के धारकों के लिए सस्ता हो जाता है। यह सोने की मांग बढ़ाता है और कीमतों में तेज़ी आती है।

  • निष्कर्ष: जब तक रेट कट की उम्मीदें मजबूत हैं, सोने के 1,29,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर तक पहुँचने की संभावना है (MCX गोल्ड आउटलुक)।

2. वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक अनिश्चितता (Global Uncertainty):

3. औद्योगिक मांग और रुपया-डॉलर विनिमय दर (Industrial Demand and Rupee-Dollar Exchange Rate):

  • चांदी के लिए तेज़ी: चांदी की कीमतें औद्योगिक मांग से भी प्रभावित होती हैं, खासकर सोलर पैनल और इलेक्ट्रॉनिक्स में। बढ़ती मांग चांदी की कीमतों को ऊपर धकेल सकती है।

  • रुपये का प्रभाव: अगर भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर होता है, तो भारत में आयातित सोने और चांदी की कीमतें बढ़ जाती हैं, जिससे घरेलू बाजार में तेज़ी आती है।

4. तकनीकी विश्लेषण (Technical Analysis):

  • तकनीकी रूप से, MCX गोल्ड अपने कंसोलिडेशन ज़ोन से ऊपर टूटा है, जो एक मजबूत तेज़ी के रुख का संकेत है। MCX सिल्वर भी लगातार ऊपर की ओर बढ़ रहा है।

💡 निवेश के लिए अन्य सुझाव और दृष्टिकोण

  1. रणनीतिक खरीदारी (Strategic Buying): चूंकि बाजार में उतार-चढ़ाव की संभावना है, इसलिए निवेशकों को ‘डिप्स पर खरीदारी’ (Buy on Dips) की रणनीति अपनानी चाहिए। छोटी-छोटी गिरावटों पर सोने में निवेश करना लंबी अवधि में लाभप्रद हो सकता है।

  2. डायवर्सिफिकेशन (Diversification): अपने कुल निवेश पोर्टफोलियो का एक हिस्सा (जैसे 10-15%) सोने में रखना एक समझदारी भरा कदम है। सोना एक बीमा (Insurance) की तरह काम करता है, जो बाजार की गिरावट के दौरान आपके पोर्टफोलियो को स्थिरता प्रदान करता है।

  3. डिजिटल गोल्ड या गोल्ड ETF (Digital Gold/ETF): मेकिंग चार्ज और शुद्धता की चिंता से बचने के लिए, भौतिक सोना खरीदने के बजाय गोल्ड ETF या सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) में निवेश करना एक बेहतर विकल्प है। SGB में अतिरिक्त ब्याज और टैक्स लाभ भी मिलते हैं।

  4. चांदी पर ध्यान (Focus on Silver): चांदी, जिसकी कीमतें सोने की तुलना में अधिक अस्थिर होती हैं, औद्योगिक मांग के कारण लंबी अवधि में मजबूत रिटर्न दे सकती है। जो निवेशक उच्च जोखिम लेने को तैयार हैं, वे चांदी में निवेश पर विचार कर सकते हैं।

  5. Stop-Loss का उपयोग: अस्थिरता के इस दौर में, वायदा बाजार (MCX) में व्यापार करने वालों के लिए अपने निवेश को बड़े नुकसान से बचाने के लिए स्टॉप लॉस (Stop Loss) ज़रूर सेट करना चाहिए।

संक्षेप में, भारतीय बुलियन बाजार में आने वाले दिनों में तेज़ी का रुख हावी रहने की उम्मीद है, जिसे अमेरिकी फेड की संभावित दर कटौती और वैश्विक अनिश्चितता से बल मिलेगा। निवेशकों को इन कारकों पर नज़र रखते हुए समझदारी से निवेश के फैसले लेने चाहिए।

Manu Mehta

मनु मेहता पिछले लगभग 18 वर्षों से गुरुग्राम की पत्रकारिता में सक्रिय एक अनुभवी और विश्वसनीय पत्रकार हैं। उन्होंने कई बड़े नेशनल न्यूज़ चैनलों (ANI News, News Express, TV 9,… More »
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