Delhi Jaipur Highway पर जाम ख़त्म करने के लिए चार फ्लाईओवर बनेंगे, जानें NHAI का प्लान

खेड़की दौला से धारूहेड़ा तक ट्रैफिक जाम का परमानेंट इलाज, 282 करोड़ के प्रोजेक्ट से 2 से 3 घंटे की बर्बादी से मिलेगी मुक्ति

Delhi Jaipur Highway : दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-48) पर रोजाना सफर करने वाले लाखों वाहन चालकों के लिए बड़ी राहत की खबर है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने खेड़की दौला टोल प्लाजा से लेकर धारूहेड़ा तक लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम को हमेशा के लिए खत्म करने की अपनी योजना को तेज कर दिया है।

नेशनल हाईवे अथॉरिटी के अनुसार, इस रूट पर निर्माणाधीन पांच में से चार फ्लाईओवर इसी साल (2026) के अंत तक पूरी तरह तैयार कर यातायात के लिए खोल दिए जाएंगे।

इन फ्लाईओवरों के चालू होने के बाद दिल्ली से जयपुर और जयपुर से गुरुग्राम-दिल्ली की ओर आने-जाने वाले वाहन चालकों का समय तो बचेगा ही, साथ ही कई चौराहों पर रेंगने वाले भारी ट्रैफिक से भी बड़ी मुक्ति मिलेगी।

NHAI के परियोजना अधिकारी (Project Director) योगेश तिलक ने बताया कि लगभग ₹282 करोड़ की लागत से बनने वाले इन फ्लाईओवरों का निर्माण कार्य बहुत तेजी से चल रहा है। इनका रूट-वार स्टेटस इस प्रकार है।

राठीवास फ्लाईओवर का निर्माण कार्य सबसे एडवांस स्टेज में है। आगामी 15 जून तक इसे पूरी तरह चालू कर दिया जाएगा। बिलासपुर चौक पर लगने वाले जाम से निजात दिलाने के लिए 15 अगस्त बिलासपुर फ्लाईओवर का निर्माण कार्य तक शुरू करने का लक्ष्य है।

साल्हावास फ्लाईओवर का निर्माण कार्य अक्टूबर के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा। औद्योगिक क्षेत्र धारूहेड़ा के पास बन रहे इस फ्लाईओवर को नवंबर के अंत या दिसंबर तक वाहनों की आवाजाही के लिए तैयार कर दिया जाएगा।

हाईवे के सबसे व्यस्त हिस्सों में से एक ‘मानेसर चौक’ को लेकर भी NHAI ने टेंडर प्रक्रिया पूरी कर मौके पर काम शुरू करवा दिया है। इस फ्लाईओवर को अगले साल यानी जुलाई 2027 तक पूरा करने का दावा किया गया है। निर्माण कार्य के चलते स्थानीय वाहनों और लंबे रूट के यात्रियों को परेशानी न हो, इसके लिए गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस की मदद से विशेष ‘यातायात एडवायजरी’ और सुरक्षित डायवर्जन लागू किया गया है।

एनएच-48 के इन पांचों प्रमुख चौराहों पर दिन के अलावा सबसे बदतर स्थिति रात के समय होती है, जब भारी कमर्शियल वाहनों (ट्रकों) के दबाव के चलते कई बार वाहन चालक दो से तीन घंटे तक फंसे रह जाते हैं।

अधिकारियों के मुताबिक, नए बन रहे सभी फ्लाईओवरों की लंबाई 800 से 900 मीटर के बीच है और ये दोनों दिशाओं में 3-3 लेन (कुल 6 लेन) के बनाए जा रहे हैं। इनके बनने के बाद एक्सप्रेसवे का सीधा ट्रैफिक बिना रुके ऊपर से निकल जाएगा, जिससे लोकल वाहनों के कारण होने वाली क्रॉसिंग ब्लॉक की समस्या समाप्त हो जाएगी।

दिल्ली-जयपुर हाईवे को पूरी तरह सिग्नलयुक्त और नॉन-स्टॉप बनाने के लिए NHAI के अध्यक्ष और गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) के बीच भी नई बैठकों का दौर चला है। इसके तहत   दिल्ली-जयपुर हाईवे से गुरुग्राम-सोहना हाईवे और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे को जोड़ने के लिए विशेष फ्लाईओवर और सर्विस रोड कनेक्टिविटी दी जा रही है।

नरसिंहपुर गांव के पास मानसून में होने वाले जलभराव और ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए एक अलग से 3 किलोमीटर लंबे फ्लाईओवर के निर्माण का प्रस्ताव मंजूर कर इसकी डीपीआर (DPR) तैयार करने के आदेश दिए गए हैं। साथ ही पैदल यात्रियों के लिए रैंप और लिफ्ट वाले फुट ओवर ब्रिज (FOB) भी बनाए जाएंगे।

Sunil Yadav

सुनील यादव पिछले लगभग 15 वर्षों से गुरुग्राम की पत्रकारिता में सक्रिय एक अनुभवी और विश्वसनीय पत्रकार हैं। उन्होंने कई बड़े नेशनल न्यूज़ चैनलों में ( India Tv, Times Now,… More »
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