Gurugram Lift incident : हाईराइज सोसाइटी में 18वीं मंजिल पर अटकी लिफ्ट, कारोबारी फंसा

डीएलएफ न्यू टाउन हाइट्स में एक हफ्ते में दूसरी बड़ी लापरवाही, बार-बार इंटरकॉम करने पर भी नहीं जागा मेंटेनेंस स्टाफ, निवासियों ने सोशल मीडिया पर खोला मोर्चा

Gurugram Lift incident : साइबर सिटी गुरुग्राम के सेक्टर-90 स्थित डीएलएफ न्यू टाउन हाइट्स सोसाइटी में लिफ्टों के खराब रखरखाव (Poor Maintenance) और सुरक्षा में लापरवाही का एक और बेहद गंभीर मामला सामने आया है। सोसाइटी के एम-टावर (M-Tower) में रहने वाले एक स्थानीय व्यवसायी करीब 17 मिनट तक लिफ्ट के भीतर फंसे रहे।

18वीं मंजिल पर लिफ्ट आकर रुक तो गई, लेकिन तकनीकी खराबी के कारण उसका गेट लॉक हो गया। हैरान करने वाली बात यह है कि मदद के लिए लिफ्ट के अंदर से लगातार किए गए इंटरकॉम कॉल को मेंटेनेंस स्टाफ ने तीन बार तक नजरअंदाज किया।

इस घटना के बाद जब सोसाइटी के गुस्साए लोग शिकायत करने पहुंचे, तो वहां से घटना के समय की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग गायब मिली, जिससे लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। निवासियों ने इस संबंध में सोशल मीडिया और संबंधित विभागों को शिकायत दी है।

यह घटना 13 मई की देर शाम की है। एम-टावर की 18वीं मंजिल पर रहने वाले व्यापारी सेशन मंगला किसी काम से बाहर गए थे। शाम करीब 7:40 बजे जब वह अपने फ्लैट पर वापस जाने के लिए लिफ्ट में चढ़े, तो लिफ्ट सामान्य रूप से ऊपर आ गई। 18वीं मंजिल पर आकर लिफ्ट रुकी, लेकिन उसका दरवाजा (Auto-Gate) नहीं खुला।

करीब 5 मिनट तक जब गेट खोलने के सारे प्रयास विफल रहे, तो उन्होंने लिफ्ट के अंदर लगे इंटरकॉम से मेंटेनेंस रूम में संपर्क करने की कोशिश की।

पीड़ित के अनुसार, लगातार तीन बार बेल जाने के बावजूद किसी ने फोन नहीं उठाया। चौथी बार में बेहद लापरवाही से कर्मचारी ने कॉल रिसीव की। इसके बाद मौके पर दो टेक्निकल स्टाफ पहुंचे और चाबी से लिफ्ट का दरवाजा जबरन खोलकर उन्हें करीब 17 मिनट बाद बाहर निकाला। तब तक दमघोंटू माहौल और घबराहट के कारण पीड़ित की हालत खराब हो चुकी थी।

गुरुवार को सोसाइटी के निवासियों का एक बड़ा समूह (जिसमें अनुज गुप्ता, अशोक मलिक और तरुण चावला शामिल थे) विरोध दर्ज कराने मेंटेनेंस एजेंसी के कार्यालय पहुंचा। निवासियों ने जब घटना की पुष्टि और स्टाफ की लापरवाही देखने के लिए सीसीटीवी रिकॉर्डिंग की मांग की, तो बड़ा खेल सामने आया।

शाम 7:40 बजे सेशन मंगला के लिफ्ट में प्रवेश करने की वीडियो तो सिस्टम में मौजूद थी, लेकिन उसके ठीक बाद की करीब 25 मिनट की वीडियो रिकॉर्डिंग गायब थी। निवासियों का सीधा आरोप है कि मेंटेनेंस एजेंसी ने अपनी तकनीकी विफलता और देरी से की गई कार्रवाई को छिपाने के लिए इस वीडियो फुटेज को जानबूझकर डिलीट कर दिया है।

डीएलएफ न्यू टाउन हाइट्स सोसाइटी के निवासियों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे ठीक दो दिन पहले यानी 11 मई को सोसाइटी के ही डी-टावर (D-Tower) में अभिषेक गुप्ता अपनी पत्नी के साथ नीचे आ रहे थे, तभी लिफ्ट बीच में अटक गई थी। वह दंपत्ति भी करीब 15 मिनट तक अंदर फंसा रहा था और काफी घबरा गया था।

निवासियों के मुताबिक, इस पूरी सोसाइटी में 21 टावर हैं, जिनमें करीब 1320 फ्लैट हैं। यहां कई टावर 22 मंजिला तो कुछ 28 मंजिला तक ऊंचे हैं। इतनी गगनचुंबी इमारतों में आए दिन लिफ्ट का अटकना और मेंटेनेंस स्टाफ का सुस्त रवैया किसी बड़े हादसे को आमंत्रण दे रहा है।

लोगों ने मांग की है कि इस सिंडिकेट और मेंटेनेंस एजेंसी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए और लिफ्ट का थर्ड-पार्टी सेफ्टी ऑडिट (Safety Audit) कराया जाए

Sunil Yadav

सुनील यादव पिछले लगभग 15 वर्षों से गुरुग्राम की पत्रकारिता में सक्रिय एक अनुभवी और विश्वसनीय पत्रकार हैं। उन्होंने कई बड़े नेशनल न्यूज़ चैनलों में ( India Tv, Times Now,… More »
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