Firing: गुरुग्राम में ₹11.50 लाख के विवाद में ताबड़तोड़ फायरिंग, दफ्तर में घुसकर पैर में मारी गोली, 2 गिरफ्तार
सेक्टर-10 में रात को हुआ था खूनी खेल; पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर चंद घंटों में दबोचे आरोपी, पानीपत का निकला शूटर

Firing : साइबर सिटी गुरुग्राम के सेक्टर-10 इलाके में पैसों के लेनदेन को लेकर दफ्तर में घुसकर (Firing) गोलीबारी करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। ₹11.50 लाख के इस विवाद में एक व्यक्ति के पैर में गोली लगी है। हालांकि, वारदात के बाद सक्रिय हुई गुरुग्राम पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज कुछ ही घंटों के भीतर मुख्य शूटर सहित दो आरोपियों को दबोच लिया है।
दफ्तर में घुसकर दी गाली-गलौज, फिर चला दी गोली (Firing)
पुलिस को दी गई शिकायत में घायल व्यक्ति सिकंदर ने बताया कि उसका परिचित आशीष नामक व्यक्ति है। आशीष का अर्जुन नाम के युवक के साथ ₹11.50 लाख के लेनदेन को लेकर पुराना विवाद चल रहा था। 10 जून की रात को अर्जुन ने आशीष को धमकी दी थी, जिसके बाद सिकंदर अपने दोस्त आशीष के दफ्तर पहुंचा।
कुछ ही देर में वहां कई युवक धमक पड़े और आते ही चिल्लाने लगे कि ‘आशीष को बाहर निकालो’। जब सिकंदर और वहां मौजूद लोगों ने बीच-बचाव करते हुए आराम से बैठकर बात करने को कहा, तो आरोपी गाली-गलौज पर उतर आए। इसी बीच एक आरोपी ने हथियार निकालकर सीधे (Firing) फायरिंग कर दी। गोली सिकंदर के पैर में जा लगी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए।
पानीपत का शूटर और गुरुग्राम का मास्टरमाइंड काबू
मामले की गंभीरता को देखते हुए गुरुग्राम पुलिस ने आरोपियों की धरपकड़ के लिए तुरंत विशेष टीमें गठित कीं। पुलिस की मुस्तैदी के चलते वारदात के कुछ ही घंटों के भीतर मुख्य आरोपी और उसके साथी को गिरफ्तार कर लिया गया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है:
विकास (उम्र 35 वर्ष): यह मुख्य आरोपी है जिसने गोली चलाई थी। यह समलखा, जिला पानीपत (हरियाणा) का रहने वाला है।
अर्जुन साहू (उम्र 20 वर्ष): यह भीम गढ़ खेड़ी, गुरुग्राम का निवासी है, जिसका आशीष के साथ पैसों का मुख्य विवाद था।
₹11.50 लाख का था विवाद
शुरुआती पुलिस पूछताछ में यह साफ हुआ है कि अर्जुन और आशीष के बीच ₹11.50 लाख के लेनदेन को लेकर तनातनी चल रही थी। इसी रंजिश का बदला लेने और डराने के उद्देश्य से आरोपी अर्जुन ने पानीपत के विकास और अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर इस खूनी वारदात (Firing) की साजिश रची और दफ्तर पर हमला बोल दिया।
पुलिस ने घायल सिकंदर के बयान पर सेक्टर-10 थाने में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दो मुख्य आरोपी गिरफ्त में आ चुके हैं और मामले में आगामी वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। वारदात में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश के लिए पूछताछ और जांच का दौर जारी है।